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अमेरिका का प्रधानमंत्री कौन है 2021 – सम्पूर्ण जानकारी

अमेरिका का प्रधानमंत्री कौन है 2021 – सम्पूर्ण जानकारी  – हमारे देश भारत की तरह ही अमेरिका में लोकतांत्रिक शासन है. अर्थात अमेरिका में भी भारत की तरह जनता के द्वारा सरकार के प्रतिनिधि चुने जाते हैं. दोनों देशों में राष्ट्रपति कार्यपालिका का अध्यक्ष होता हैं. लेकिन भारत में प्रधानमंत्री सरकार में राष्ट्रपति पद से अधिक सक्रीय पद निर्वाह करते हैं. और अमेरिका में राष्ट्रपति कार्यपालिका के अध्यक्ष होते हैं. और राष्ट्रपति की सरकार के कार्यो के प्रति भी उत्तरदायी और सक्रीयता होती हैं.

चूँकि लोकतंत्र में दो प्रकार की व्यवस्था होती है जिनके नाम संसदात्मक और अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली है. हमारे देश में संसदात्मक कार्यप्रणाली हैं. वहीं अमेरिका में अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली है. जिसके कारण अमेरिका में प्रधानमंत्री पद की व्यवस्था नहीं होती है. और वहां का राष्ट्रपति ही सरकार और कार्यपालिका के प्रत्येक कार्य के लिए उत्तरदायी होता है.

वर्तमान में जो बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति हैं. उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प को चुनाव में हराकर राष्ट्रपति का पद प्राप्त किया था.

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हमारे देश के संसदात्मक लोकतंत्र व्यवस्था में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च होता है. लेकिन अधिकार और उत्तरदायित्व के मामले में प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से गतिशील पद होता है. लेकिन अमेरिका में अध्यक्षात्मक लोकतंत्र प्रणाली होने के कारण राष्ट्रपति सरकार को सर्वोच्च अधिकार प्राप्त होते हैं.

हमारे देश में देश के शासन का पूरा नियंत्रण संसद के पास में होता है. तथा जनता संसद में अपना प्रतिनिधि चुनकर भेजती हैं. जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि प्रधानमंत्री के चुनाव में हिस्सा लेते हैं. लेकिन अमेरिका में अध्यक्षात्मक प्रणाली होने के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव में आमजन भाग लेते हैं.

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लोकतंत्र की दो प्रसिद शासन प्रणाली की जानकारी

लोकतंत्र में मुख्य रूप से दो प्रकार की शासन प्रणाली सर्वाधिक प्रचलित हैं. जिनका नाम संसदात्मक और अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली है. इन दोनों शासन प्रणाली में अंतर कार्यपालिका और व्यवस्थापिका के आपस में संबंधों के कारण है.

संसदात्मक शासन प्रणाली किसे कहते हैं?

संसदात्मक शासन प्रणाली उस लोकतांत्रिक शासन प्रणाली को कहते हैं, जिसमें कार्यपालिका का उत्तरदायी प्रधानमंत्री होता है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बनी कार्यपालिका संसद के प्रति उत्तरदायी होती है. वास्तव में इस शासन व्यवस्था में दो प्रकार की कार्यपालिका होती है. पहली मात्र नाम की कार्यपालिका जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति करते हैं. और दूसरी वास्तविक कार्यपालिका जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री करते हैं. इस प्रणाली में मंत्रीपरिषद् तब तक बना रहता हैं. जब तक कि उन्हें संसद का विश्वास है. इसका उदाहरण इंग्लैंड और भारत की शासन प्रणाली है.

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संसदात्मक शासन प्रणाली के गुण क्या होते हैं?

संसदात्मक शासन प्रणाली के गुण निम्नलिखित होते हैं:

  • इस व्यवस्था में योग्य, अनुभवी तथा लोकप्रिय व्यक्ति के हाथ शासन का नियंत्रण होता हैं.
  • संसद में जनता के द्वारा चुने गए प्रतिनिधि भाग लेते हैं.
  • यह प्रणाली पूर्ण रूप से लोकमत के अनुसार चलती है तथा प्रजातान्त्रिक प्रणाली का गठन करती है.
  • इस प्रणाली में विरोधी दलो का दबदबा बना रहता है. तथा वह भी सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए आजाद होते हैं.
  • इस प्रणाली में सरकार जनता के प्रति हमेशा उत्तरदायी रहती है.
  • संसदात्मक शासन प्रणाली में लचीलापन होता है.
  • संसदात्मक शासन प्रणाली निरकुंश हो जाने का डर नहीं रहता है.

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संसदात्मक शासन प्रणाली के दोष क्या हैं?

संसदात्मक शासन प्रणाली के दोष निम्नलिखित हैं:

  • इस शासन प्रणाली में दलबदल को पोत्साहन मिलता है.
  • अयोग्य मंत्रियों के हाथों में शासन जाने का डर रहता है.
  • जनता के हित के कार्य लंबी अवधि तक टले रहते हैं.
  • मंत्रियों की अनुभवहीनता और व्यस्तता के कारण नौकरशाही का प्रभाव रहता है.
  • शासन में स्थायित्व का नहीं होने के कारण अनिश्चितता पाई जाती है.
  • शासन पर जनता का पूर्ण रुप से विश्वास नहीं बना रहता है.
  • शासन में अस्थायित्व होने के कारन नीतियों में अनिश्चिता रहती हैं.

अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली किसे कहते हैं?

अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली लोकतंत्र की वह शासन प्रणाली होती है. जिसमें कार्यपालिका वैधानिक रूप से व्यवस्थापिका से अलग होती है. तथा कार्यपालिका व्यवस्थापिका के सदस्यों से बनी हुई नहीं होती है. इस शासन प्रणाली में कार्यपालिका अपनी नीतियों के लिए व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायित्व नहीं होते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो जिस शासन प्रणाली में कार्यपालिका व्यवस्थापिका से अलग कार्य करती है. तथा कार्यपालिका व्यवस्थापिका के प्रति उत्तरदायित्व नहीं होती है. उसे अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली कहते हैं.

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अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली के गुण क्या हैं?

अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली के गुण निम्नलिखित हैं:

  • अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली का सबसे बड़ा गुण यह है कि इसमें सरकार एक निश्चित समय के लिए निर्वाचित की जाती है.
  • चुनी हुई सरकार को बिच में भंग करना असंभव होता है.
  • सरकार स्थाई रहने के कारण इसकी नीतियां भी लंबे समय के लिए स्थाई रहती हैं. जिससे जनता, व्यापारियों तथा विदेशी देशों का स्थाई सरकार में विश्वास बढ़ता हैं.
  • इस शासन प्रणाली में राष्ट्रपति या कार्यपालिका का अध्यक्ष अपने सलाहकारों की नियुक्ति दलगत की राजनीति से दूर रहकर करता हैं. जिससे विशेष क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाती है.
  • इस कार्यप्रणाली में दल बदल की नीति कुछ काम नहीं आती है.
  • अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली में द्विदलीय शासन व्यवस्था होती है. अर्थात देश में सिर्फ दो ही दल होते हैं जिसमें से एक सताधार होता है और दूसरा विपक्ष दल होता है. इससे जनता को सही और हितेषी दल पहचानने में मदद मिलती हैं.
  • मध्यकालीन चुनाव नहीं होता है जिससे जनता सरकार के प्रति विश्वास में रहती है.
  • सरकार भी अपनी योजनाए लंबी अवधि के लिए बनाने में सक्षम हो पाती हैं.

अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली के दोष क्या हैं?

अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली के दोष निम्नलिखित हैं:

  • अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली का सबसे बड़ा दोष यह है कि कार्यपालिका की संपूर्ण शक्ति राष्ट्रपति के हाथों में केंद्रित हो जाती हैं. और इस हिसाब से राष्ट्रपति एक निश्चित समय अवधि के लिए तानाशाह बन जाता है.
  • संसदात्मक शासन प्रणाली की एक सबसे बड़ी विशेषता उसका लचीला होना है. जबकि अध्यक्षात्मक शासन पद्धति में लचीलापन बिल्कुल नहीं होता है. इस शासन प्रणाली में संवैधानिक परंपरा बहुत कम होती है और सब कुछ संविधान के अनुसार चलता है. अगर कोई परिस्थिति आ जाए तो राष्ट्रपति व्यवस्थापिका को शीघ्र कानून बनाने के लिए प्रभावित नहीं कर सकता है. और ना व्यवस्थापिका किसी कानून को पारित करने के लिए राष्ट्रपति को प्रभावित कर सकते हैं.
  • इस शासन प्रणाली का अन्य सबसे बड़ा दोष यह होता है कि कार्यपालिका और व्यवस्थापिका एक दूसरे के कार्य के प्रति उत्तरदायित्व नहीं होती है. जिसके कारण इन दोनों के बिच आपसी सहयोग का भाव नहीं रहता है.

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निष्कर्ष

इस आर्टिकल (अमेरिका का प्रधानमंत्री कौन है 2021 – सम्पूर्ण जानकारी) को लिखने का हमारा उद्देश्य आपको लोकतंत्र शासन प्रणाली के दो बिल्कुल भिन्न शासन प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी देना हैं. लोकतंत्र में दो प्रकार की व्यवस्था होती है जिनके नाम संसदात्मक और अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली है. हमारे देश में संसदात्मक कार्यप्रणाली हैं. वहीं अमेरिका में अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली है.

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इसी कारन अमेरिका में प्रधामंत्री पद की सरकार में कोई व्यवस्था नहीं होती हैं. तथा वह राष्ट्रपति पद भारत के राष्ट्रपति पद के भांति निष्क्रिय नहीं होता हैं. वर्तमान में जो बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति हैं. उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प को चुनाव में हराकर राष्ट्रपति का पद प्राप्त किया था.

आपको यह आर्टिकल (अमेरिका का प्रधानमंत्री कौन है 2021 – सम्पूर्ण जानकारी) कैसा लगा हैं. यह हमे तभी पता चलेगा जब आप हमे निचे कमेंट करके बताएगे. यह आर्टिकल विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओ की दृष्टी से भी महत्वपूर्ण हैं. इसलिए इस आर्टिकल को उन लोगो और दोस्तों तक पहुचाए जो प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. क्योंकि ज्ञान बाटने से हमेशा बढ़ता हैं. धन्यवाद.

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