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चीन किस देश का गुलाम था | चीन का इतिहास

चीन किस देश का गुलाम था | चीन का इतिहास | history of china in hindi – पुरातत्व विभाग के अनुसार चीन में मानवता का बसाव लगभग 22 लाख साल पुराना है. चीन की सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक हैं. चीन की सभ्यता उन गिनी चुनी सभ्यता में से एक है जिसकी अपनी स्वतंत्र लेखन पद्धति थी. अन्य सभ्यता में भारत की सिंधु सभ्यता, मिस्र की सभ्यता और माया सभ्यता उल्लेखनीय हैं. जिनके पास अपनी स्वतंत्र लेखन पद्धती मौजूद थी. चीन की लिपि का उपयोग आज भी चीन भाषा के साथ जापानी, कोरिया और वियतनाम की भाषाओ में प्रयुक्त किया जाता है.

इस आर्टिकल में जानेगे की चीन किस देश का गुलाम रह चूका हैं. लेकिन इस प्रश्न के उत्तर के लिए हमे चीन के इतिहास में जाना होगा. चीन की संस्कृति भारत की सिन्धु घटी सभ्यता के भांति ही गौरवपूर्ण रही हैं.

चीन किस देश का गुलाम था (history of china in hindi)

चीन हमेशा से एक स्वतंत्र देश के रूप में विद्यमान रहा है. चीन कभी भी किसी देश का गुलाम नहीं रहा है. यधपि कालांतर में अनेक ताकतों जैसे जापान और ब्रिटिश ने चीन पर आक्रमण किए. तथा चीन के व्यापार, संस्कृति, राजनीती और विकास को बहुत बड़े रूप से प्रभावित किया. लेकिन चीन कभी भी किसी देश का गुलाम या उपनिवेशक देश नहीं रहा है.

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वर्तमान में चीन दुनिया के नक्शे पर एक बहुत प्रभावशाली देश हैं. चीन को इस स्तर तक आने के लिए हमे चीन के इतिहास को समझना जरुरी हैं. तो चीन के इतिहास को हम नीचे निम्नलिखित बिंदुओं में बता रहे हैं.

  • 221 ईसापूर्व में चीन में झाऊ वंश का शासन था. इसी समय में चीन सामंतवादी प्रथा का प्रारंभ हुआ था. 220 ईसापूर्व से लेकर 206 ईसापूर्व तक चीन में किंग वंश का शासन रहा था. तथा उन्होंने प्रसिध्द ‘चीन की विशाल दीवार’ का निर्माण करवाया था.
  • 206 ईसापूर्व से लेकर 220 ई तक चीन में किनवंश का शासन रहा था. तथा इन्होंने विस्तारवादी नीति को अपनाकर चीन की सीमा को वियतमान, मंगोलिया और मध्य एशिया तक फैला दिया था.
  • सन 1368 में झू यांगझांग ने मंगोलों को पराजित कर चीन में मिंग वंश की स्थापना की थी.
  • सन 1851 में चीन के अंतिम राजवंश किंग में यूरोपीय ताकतों के प्रभाव को समाप्त कर सम्पूर्ण देश को अपने नियंत्रण में लिया था.
  • सन 1911 में चीन का हिंसक गृहयुद्ध ताइपिंग विद्रोह हुआ था. यह किंग राजवंश और क्रांतिकारियों के बीच लड़ा गया था. जिसमें चीन के दो करोड़ नागरिको की मौत हुई थी.
  • सन 1937 सन यात-सेन ने किंग वंश के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करते हुए. चीन को चीन गणराज्य देश घोषित किया था.
  • सन 1939 में जापान ने चीन पर आक्रमण कर दिया. तथा यह युद्ध सन 1945 तक चला. जिसमें चीन के एक करोड़ से भी ज्यादा नागरिक लापता हो गए थे.
  • सन 1958 में माओत्से तुंग ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की स्थापना की. तथा चीन को एक गणराज्य समाजवादी देश घोषित किया.
  • सन 1966 में माओत्से तुंग ने चीन आर्थिक और व्यापारीक विकास के लिए औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए योजना चलाई.
  • 1971 में चीन संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थाई सदस्य बना. तथा उसे सुरक्षा परिषद में जगह मिली.
  • सन 1978 में माओत्से तुंग ने सांस्कृतिक क्रांति में अपने प्रतिद्वंदियों का सफाया करते हुए 50,000 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था.
  • सन 1989 में डेंग जियाओपिंग ने चीन में आर्थिक सुधार को प्रेरित करते हुए बड़े स्तर पर विभिन्न योजनाए चलाई.
  • सन 2008 में चीन को ओलंपिक की मेजबानी का मौका मिला था.

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इस प्रकार चीन में औधोगिक क्रांति निरंतर आज भी आगे बढ़ रही हैं. आज चीन अपने सुनहरे भविष्य के अपने देख रहा हैं. चीन की औधोगिक क्रांति का प्रभाव यह हुआ की दुनिया भर के बाज़ार चीनी समान को बहुत कम दम में बेच कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. वर्तमान में चीन एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा हैं. तथा प्रत्येक अंतराष्ट्रीय मुद्दे पर चीन का प्रभाव देखने को मिलता हैं.

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निष्कर्ष

इस आर्टिकल (चीन किस देश का गुलाम था | चीन का इतिहास | history of china in hindi ) को लिखने का हमारा उद्देश्य आपको चीन के इतिहास के बारे में विस्तार से बताना हैं. चीन आजतक किसी भी देश का गुलाम नहीं रहा हैं. यधपि कालांतर में अनेक ताकतों जैसे जापान और ब्रिटिश ने चीन पर आक्रमण किए. तथा चीन की व्यापार, संस्कृति, राजनीती और विकास को बहुत बड़े रूप से प्रभावित किया. लेकिन चीन कभी भी किसी देश का गुलाम या उपनिवेशक देश नहीं रहा है.

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