नेटवर्क क्या है? ये कितने प्रकार के होते है?

हम हर समय इन्टरनेट से जुड़े होते है. इन्टरनेट एक प्रकार का नेटवर्क ही है, लेकिन इन्टरनेट अकेला ही नेटवर्क नही है. नेटवर्क एक बहुत बड़ा और अलग विषय है. जिसे समझना हमारे लिये जरूरी है. इस आर्टिकल नेटवर्क क्या है? (What is computer network in hindi) में हम समझेगे नेटवर्क क्या है? साथ में हम जानेगे की किस प्रकार से नेटवर्क को स्थापित किया जाया है. और इसको स्थापित करने के लिये कोनसे उपकरण लगते है.

नेटवर्क क्या है? (What is computer network in hindi)

जब दो या दो से अधिक कंप्यूटर को आपस में जोड़ देते है. ताकि कंप्यूटर आपस में फाइल लेनदेन, संसाधन उपयोग, एप्लीकेशन बाट सकते हो. तो उसे नेटवर्क कहते है.

नेटवर्क में एक जैसे विषय पर काम करने वाले उपयोगकर्ता आप में अपने सोच और विचार बाट सकते है. जिससे उन्हें काम करने में सहजबोध हो. इसके अलावा नेटवर्क से उन उपयोगकर्ता को भी फायदा मिलता है. जो ज्ञान प्राप्ति के उद्देश्य से इससे जुड़े है.

नेटवर्क में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य उपकरण जो नेटवर्क स्थापित करने के लिये उपयोग लिये जाते है. ये सभी नेटवर्क के भाग होते है. इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कंप्यूटर को आपस में केबल, वायर या वायरलेस कनेक्शन से आपस में जोड़ा जाता है.

इन्टरनेट नेटवर्क का ही एक उदहारण है. जिसमे पूरी दुनियाभर के कंप्यूटर और मोबाइल को आपस में जोड़ा गया है.

सबसे पहला नेटवर्क

सबसे प्रथम नेटवर्क यूएस रक्षा विभाग के द्वारा स्थापित किया गया था. जिसका नाम ARPNET है. इसका उपयोग सन 1960 के आस पास अनुसंधान के कार्य में वैज्ञानिको के द्वारा आपस में संवाद स्थापित करने के लिये किया जाता था.

नेटवर्क कितने प्रकार के होते है?

इन्टरनेट से लेकर आपके घर के प्राइवेट नेटवर्क तक सब नेटवर्क के दायरे में आते है. नेटवर्क को उनकी उपयोगिता और दायरे के अनुसार विभिन्न भागो में बाटा जा सकता है. जो इसप्रकार से है.

लेन नेटवर्क क्या है (LAN network)

लेन नेटवर्क का पूरा नाम लोकल एरिया नेटवर्क होता है. ये नेटवर्क एक विशेष क्षेत्र और कम दुरी के कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है. जैसे किसी इमारत या एक कार्यालय के कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है. इसप्रकार के नेटवर्क काफी सुरक्षित माने जाते है. तथा आपस में एक दुसरे से बात करनी की रफ़्तार भी काफी तेज और अच्छी होती है.

इसमें आपस में कंप्यूटर को जोड़ने के लिये वायर, राऊटर और कोअक्षिअल केबल का उपयोग होता है.

पेन नेटवर्क (PAN Network)

पेन नेटवर्क का पूरा नाम पर्सनल एरिया नेटवर्क होता है. जैसे नाम से पतित होता है. ये नेटवर्क किसी एक व्यक्ति के निजी उपयोग के लिये स्थापित किया जाता है. इसमें 10 मीटर के दायरे में उपस्थित इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल को आपस में जोड़ा जाता है.

पहले वैज्ञानिक थॉमस ज़िम्मरमेन थे जिन्होंने पेन नेटवर्क की अवधारणा दी थी.

पेन नेटवर्क दो प्रकार के हो सकते है. पहला वायर नेटवर्क और दूसरा वायरलेस नेटवर्क.

वायर नेटवर्क में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को आपस में वायर से जोड़ा जाता है. वही वायरलेस नेटवर्क में उपकरणों को वाईफाई या ब्लूटूथ से जोड़ा जाता है.

मेट्रोपोलिटन नेटवर्क (Metropolitan network)

मेट्रोपोलिटन नेटवर्क लेन नेटवर्क का ही एक बड़ा रुप है. जिसमे बड़े भूभाग जैसे किसी शहर या कस्बे में उपस्थित कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को आपस में जोड़ा जाता है. सामान्यत इस नेटवर्क का नियंत्रण किसी एक संस्थान या व्यक्ति के पास होता है.

स्थानीय सरकारे अपने नागरिको और औधोगिको को आपस में जोड़ने के लिये इसप्रकार के नेटवर्क स्थापित करते है. तथा इस नेटवर्क का नियंत्रण स्थानीय सरकारों के पास होता है.

सामन्यत इसप्रकार के नेटवर्क में उपकरणों को आपस में टेलीफोन लाइन से जोड़ा जाता है.

वाइड एरिया नेटवर्क (Wide area network)

वाइड एरिया नेटवर्क में एक बड़े भूभाग को लिया जाता है. जैसे की किसी देश या राज्य के कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इसमें शामिल किया जाता है. इसमें लम्बी दुरी के कंप्यूटर को भी आपस में जोड़ा जा सकता है.

इन्टरनेट वाइड एरिया नेटवर्क का ही एक उदाहरन है. इस नेटवर्क में कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को आपस में फाइबर केबल और उपग्रह से जोड़ा जाता है.

किसी भी देश की उन्नति के लिये को वाइड एरिया नेटवर्क की भूमिका महत्पूर्ण रहती है.

स्टोरेज एरिया नेटवर्क (storage area network)

स्टोरेज एरिया नेटवर्क एक हाई स्पीड नेटवर्क है. जो स्टोरेज उपकरण को आपस में जोड़ता है. ये नेटवर्क डाटा और फाइल को तेज स्पीड के साथ एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर तक लाने और ले जाने के लिये विकसित किया गया है. ये नेटवर्क लेन (LAN) और मेन (MAN) नेटवर्क पर निर्भर नही रहता है. इसी कारण इसकी स्पीड बहुत तेज होती है.

वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (Virtual Private Network)

वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के माध्यम से आप अपने प्राइवेट नेटवर्क को इन्टरनेट के साथ उपयोग कर सकते है. ये नेटवर्क काफी सुरक्षित होता है. इसमें डाटा की गोपनीयता और सुरक्षा के लिये डाटा को एन्क्रिप्टेड (Encrypted) कर के स्थान्तरित किया जाता है. और प्राइवेसी रखने के लिये उपकरण की आईपी एड्रेस को रूपांतरित कर के उपयोग में लिये जाता है.

इस नेटवर्क के मदद से कोरोना महामारी काल जैसी परिस्थितियों में वर्क फ्रॉम होम होना संभव हो पाया है. तथा बड़ी बड़ी कंपनी का व्यवसाय लगातार चलता रहा है.

एंटरप्राइज प्राइवेट नेटवर्क (Enterprise private network)

बड़े संस्थानों और कम्पनी के द्वारा इस प्रकार के नेटवर्क बनाए जाते है. जिसमे उनकी कंपनी के विभिन्न स्थानों पर उपस्थित कार्यालयों को आपस में जोड़ा जाता है. इससे कंपनी के अन्दर के डाटा की सुरक्षा और गोपनीयता बरकरार रह सके.

नेटवर्क के उपकरण

किसी भी नेटवर्क को स्थापित करने के लिये विभिन्न उपकरणों की सहायता ली जाती है. जिससे कंप्यूटर आपस में प्रभावी रुप से जुड़ सके और डाटा और संसाधन सुरक्षित रुप से स्थान्तरित हो सके. ये उपकरण नेटवर्क का ही भाग होते है.

मोडर्म (modem)

मोडर्म लेन (LAN) और मेन (MAN) नेटवर्क में कंप्यूटर सिग्नल को डिजिटल सिग्नल से एनालॉग सिग्नल और एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में बदलने का काम करते है. क्योंकि इन नेटवर्क में कंप्यूटर आपस में टेलीफोन लाइन से जुड़े होते है. ये टेलीफोन लाइन केवल एनालॉग सिग्नल को ही समझ पाते है.

हब (Hub)

हब एक केन्द्रीय उपकरण होता है. जो नेटवर्क में उपस्थित सभी कंप्यूटर को आपस में एक जगह पर भौतिक रुप से जोड़ता है. हब में बहुत सारे पोर्ट होते है. जब भी कोई डाटा पैकेट किसी कंप्यूटर से आता है तो हब उसे बाकि सभी पोर्ट में भेज देता है. जिसके कारण नेटवर्क में बिना वजह से यातायात प्रभावित रहता है. हब नेटवर्क में उपस्थित किसी भी कंप्यूटर उपकरण का आईपी एड्रेस पढने के लिये सक्षम नही होता है.

स्विच (Switch)

स्विच भी हब की तरह ही नेटवर्क में कंप्यूटर को आपस में केन्द्रीय स्तर पर जोड़ने का काम करता है. और हब के तरह ही इसमें भी मल्टीप्ल पोर्ट होते है. लेकिन स्विच प्राप्त डाटा को फ़िल्टर करने में सक्षम होता है. उसी अनुसार स्विच प्राप्त डाटा को आगे गंतव्य पोर्ट में भेजने का काम करता है.

स्विच की कीमत हब से ज्यादा होती है. और सरचना भी हब से जटिल होती है.

राऊटर (Router)

राऊटर को रिपीटर (repeater) भी कहा जाता है. राऊटर एक लेन नेटवर्क से डाटा दुसरे लेन नेटवर्क को लेने और देने का काम करता है. ये आपस में समान प्रोटोकॉल रखने वाले दो लेन नेटवर्क और इन्टरनेट प्रदाता कंपनी को आपस में जोड़ने का काम करता है.

राऊटर नेटवर्क में उपस्थित कंप्यूटर और उपकरण के आईपी एड्रेस पढने के लिये सक्षम होता है. इसलिए राऊटर लोकल नेटवर्क को इन्टरनेट से जोड़ने का काम करता है.

राऊटर डाटा किसी पैकेट के रुप में डाटा भेजने वाले उपकरण से प्राप्त करता है. और गंतव्य उपकरण के अनुसार डाटा को बदलने तक का काम करता है. ये उपकरण सिग्नल को गंतव्य स्थान की दुरी तक पहुचाने के हिसाब से मजबूत बनाता है. इसलिए इसे रिपीटर भी कहते है.

ईथरनेट कार्ड (Ethernet Card)

ईथरनेट कार्ड को नेटवर्क इंटरफ़ेस कार्ड (NIC) के नाम से भी जाना जाता है. तथा इसे ईथरनेट लेन नेटवर्क में बातचीत स्थापित करने के लिये उपयोग किया जाता है. ये कंप्यूटर का हार्डवेयर हिस्सा है. तथा इसे अगल से भी कंप्यूटर से जोड़ा जा सकता है.

RJ45 कनेक्टर (RJ45 Connector)

RJ45 का पूरा नाम रजिस्टर्ड जैक 45 है. ये ईथरनेट आधार के लेन (LAN) नेटवर्क में कंप्यूटर को नेटवर्क से जोड़ने में काम आता है. इस उपकरण में आठ पिन जैक होते है. और ये कंप्यूटर को जोड़ने वाली केबल के दोनों छोरो पर लगे जाती है.

मेरे कुछ शब्द

दोस्तों हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम आप तक संपूर्ण जानकारी बिल्कुल आसान भाषा में ले के आए. जिससे आपकी पढने में रूचि बनी रहे. मैं उम्मीद करता हुं आपको ये आर्टिकल पढने में मज़ा आया होगा.

दोस्तों अगर आपको ये नेटवर्क क्या है? (What is computer network in hindi) आर्टिकल अच्छा लगा है. तो इसे अपने उन सब दोस्तों के पास पहुँचाए जो Competition Exam की तैयारी कर रहे है. नीचे Comment लिख कर बताए. आपको किस Topic पर आसान  भाषा में जानकारी चाहिए. कृपया इसको अपने दोस्तों के साथ Whatapp, Facebook या link share करे.