what is web browser in hindi? ये कैसे काम करता है?

इन्टरनेट जानकारी प्राप्त करने का एक सबसे शक्तिशाली माध्यम है. तथा इन्टरनेट को इतना शक्तिशाली उसमे उपलब्ध विभिन्न प्रकार की वेबसाइट बनाती है. जो यूज़र को ध्यान में रख कर जानकारिया मौजूद करवाती है. ये वेबसाइट किसी न किसी वेब ब्राउज़र के जरिये कंप्यूटर में पढ़ी और देखी जाती है. हम में से ज्यादातर लोग google chrome जैसे वेबब्राउज़र का उपयोग अपने दैनिक जीवन में इन्टरनेट से जुड़े कामकाज के लिए करते है. लेकिन आपने कभी सोचा है. कि ये काम कैसे करता है. तो इस आर्टिकल what is web browser in hindi?(वेब ब्राउज़र क्या है?) में हम वेब ब्राउज़र से जुड़ी प्रत्येक वस्तुओ को विस्तार से बताने वाले है.

वेब ब्राउज़र क्या है? (what is web browser in hindi?)

वेब ब्राउज़र एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है. जो वर्ल्ड वाइड वेब सर्वर पर उपलब्ध जानकारी तक पहुचने का काम करता है. ये जानकारी हमे वेब ब्राउज़र में देखने और पढने को मिलती है. इस जानकारियों में तस्वीरे, वीडियो, दस्तावेज़ इत्यादि हो सकते है. तथा ये जानकारी आपस में url या hyperlink के लिए जुड़ी हुई है.

इन्टरनेट एक प्रकार का कंप्यूटर नेटवर्क है. जिसमे सारे कंप्यूटर और मोबाइल जुड़े हुए है. और इसी नेटवर्क में वेब सर्वर भी जुड़ा हुआ है. इसी नेटवर्क में वेब सर्वर एक सर्वर की भूमिका निभाता है. वही कंप्यूटर और मोबाइल एक क्लाइंट की भूमिका निभाते है.

जब भी आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर में वेबसाइट देखना चाहते है. तो आप उसका url वेब ब्राउज़र में लिखते है. तथा वेब ब्राउज़र ये रिक्वेस्ट वेब सर्वर को भेजता है. वेब सर्वर उसी आधार पर एक रेस्पोंसे बना के भेजता है. जो आपको वेब ब्राउज़र में वेबपेज के रूप में दीखता है.

www क्या है?

इसका पूरा नाम वर्ल्ड वाइड वेब है. दुनिया में जितनी भी वेबसाइट और वेबपेज उपलब्ध है. उन सभी का डाटा इस सर्वर पर उपलब्ध है. तथा नेटवर्क में एक सर्वर की भूमिका निभाता है. ये अपने क्लाइंट को वेबसाइट और वेबपेज से जुड़ी जानकारिय और डाटा उपलब्ध कराता है.

वेब ब्राउज़र की विशेषताएँ क्या है?

वेब ब्राउज़र की सफलता और लोकप्रियता के पीछे बहुत सारे कारण है. जो यूज़र को इन्टरनेट पर काम करने के लिए सहूलियत प्रदान करते है. जो इस प्रकार से है.

Refresh button (रिफ्रेश बटन)

ये एक प्रकार का फ़ीचर है. जो आपको वेब ब्राउज़र में देखने को मिलता है. जिसकी मदद से आप किसी भी वेबसाइट को फिर से खोल सकते है. जिससे आपको हमेशा अपडेट जानकारी उपलब्ध हो.

stop button (स्टॉप बटन)

इस बटन की सहायता से आप किसी भी वेबपेज को खोलने से रोक सकते है. उदाहरण के लिए अगर आपने गलती से किसी वेबसाइट को खोल दिया है. जिसकी आपको जरूरत नही है. तो इस बटन की सहायता से इसे बंद कर सकते है. ये आपका समय बचाता है.

ये वेबब्राउज़र और वेबपेज के बिच वार्तालाप को रोक देता है.

Home button (होम बटन) 

ये बटन आपको अपने वेबब्राउज़र के होमपेज में ले के जाता है. तथा वहा पर उपलब्ध फ़ीचर और शोर्टकट को आप उपयोग कर सकते हो.

Tabbled browsing

वेब ब्राउज़र में एक न्यू टैब (New Tab) नाम से एक बटन होता है. जिसकी सहायता से आप एक ही वेब ब्राउज़र में एक से अधिक वेबपेज को पढ़ सकते हो. जैसे की आपने ब्राउज़र में खोजा की IPL कब है. आपका ब्राउज़र आपको ब्राउज़र में एक से ज्यादा वेबसाइट के IPL से जुड़े जानकारी उपलब्ध कराता है. आप एक से अधिक वेब साईट को न्यू टैब (New Tab) बटन से अपने ब्राउज़र में खोल कर वहा से अपने जरूरत की जानकारी ले सकते हो.

Bookmarks

आप किसी भी ऐसी वेबसाइट को वेब ब्राउज़र में bookmarks करके रख सकते हो. जिसकी जरूरत आपको ज्यादा पड़ती है. Bookmarks की हुई वेबसाइट को वेब ब्राउज़र में खुलने में समय कम लगता है.

वेबब्राउज़र के हिस्से (What is parts of web browser in hindi)

एक वेबब्राउज़र में विभिन्न हिस्से होते है. जो वेब ब्राउज़र पर काम करना आसान बनाते है. ये इस प्रकार से है.

यूजर इंटरफ़ेस (User Interface)

ये वो भाग है. जो यूज़र को दीखता है. और यूज़र को यहा पर उसके सहूलियत के बटन उपलब्ध होते है. जैसे bookmarks, tab, back and forward बटन इत्यादि.

रेंडरिंग इंजन (Rendering engine)

ये यूज़र के द्वारा रिक्वेस्ट किये गए जानकारी को प्रदर्शित करने का प्रबंध करता है. सर्वर रेस्पोंसे में कंप्यूटर की भाषा जैसे HTML, XML फाइल में जानकारी देता है. जिसे rendering engine अक्षर, शब्द और तस्वीर में बदलता है. जिससे यूज़र जानकारी को आसानी से समझ सकता है. तथा जानकारी का पूरा उपयोग भी कर सकता है.

नेटवर्किंग (Networking)

ये वेबसाइट के url को वेब सर्वर तक भेजने और रेस्पोंसे प्राप्त करने का प्रबन्धन करता है. इसके साथ ही नेटवर्क में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी इसकी ही होती है.

Javascript Interpreter

जैसे नाम से ही पता चल रहा है. ये वेबसाइट और वेबपेज में मौजूद java script को बदल कर rendering engine को भेजता है. जिसे rendering engine जानकारी को उस अनुसार प्रदर्शित करता है. की एक यूज़र समझ पाता है.

Data storage

ब्राउज़र एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है. तथा इसको चलाने के लिए आपको कंप्यूटर कोडिंग की जरूरत होती है. जब आप अपने कंप्यूटर में वेबब्राउज़र को इनस्टॉल करते हो. तो ये कोडिंग आपके कंप्यूटर के हार्ड-ड्राइव में जाकर सुरक्षित हो जाती है. ये ब्राउज़र का डाटा स्टोरेज होता है.

इसके साथ ही cookies, bookmarks, history इत्यादि भी डाटा स्टोरेज में सुरक्षित होते है.

वेबब्राउज़र कैसे काम करता है?

जब भी कभी आप अपने वेबब्राउज़र में कुछ भी लिख कर खोजते है. या url डालते है. तो नेटवर्क में उपस्थित विभिन्न सर्वर इसके साथ काम करना चालू कर देते है. एक रिक्वेस्ट नेटवर्क में विभिन्न स्तरों से होकर निकलती है. और रेपोंसे ले के आती है. जो वेबपेज के रूप से वेबब्राउज़र में दिखता है.

वेबब्राउज़र के कार्य करने के तरीके को हम निचे दिए गए बिन्दुओ से समझ सकते है.

  • यूजर वेबब्राउज़र में सर्वप्रथम url को लिखता है.
  • ये url सीधे डोमेन सर्वर (Domain server) पर जाती है. डोमेन सर्वर इस url को पढ़ता है. और इसे एक IP एड्रेस में बदल देता है.
  • IP एड्रेस के साथ ही रिक्वेस्ट वेब सर्वर के पास पहुँचता है. वेब सर्वर रिक्वेस्ट में मांगी गई जानकारी का अध्ययन करता है. और उसी प्रकार से एक रेस्पोंसे भी तैयार करता है.
  • वेब सर्वर IP एड्रेस और मांगी गई जानकारी की पुष्टि भी करता है. और इसकी वैधता परखता है.
  • वेब सर्वर सीधे रेपोंसे को उसी IP एड्रेस पर भेजता है. जहा से डोमेन सर्वर को रिक्वेस्ट प्राप्त हुई थी.
  • वेबब्राउज़र इस रेस्पोंसेर को वेबपेज के रुप में यूजर को दिखाता है.

इस प्रकार से रिक्वेस्ट से लेकर रेपोंसे प्राप्त होने तक का चक्र प्रत्येक बार चलता रहता है.

वेबब्राउज़र और वेबसर्वर में क्या अंतर है?

ऊपर दिए बिन्दुओ में बताया गया है कि एक वेबब्राउज़र कैसे कार्य करता है. और उसमे वेबब्राउज़र और वेबपेज की क्या भूमिका होती है.

  • वेबब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर होता है. जो आपके कंप्यूटर और मोबाइल में इनस्टॉल होता है. वही वेब सर्वर एक अलग से कंप्यूटर या सर्वर होता है.
  • ·वेबब्राउज़र रिक्वेस्ट को वेबसर्वर के पास में भेजता है. वही वेब सर्वर जानकारी को रिक्वेस्ट के अनुसार एक रेस्पोंसे तैयार करता है.
  • वेबब्राउज़र यूज़र को जानकारी देने के लिए जिम्मेदार होता है. वही वेब सर्वर वेब ब्राउज़र को जानकारी देने के लिए जिम्मेदार होता है.

वेबब्राउज़र के प्रकार (What is types of web browser in hindi)

विभिन्न वेबब्राउज़र इन्टरनेट में उपलब्ध है. जिसे डाउनलोड और इनस्टॉल कर सकते है. और उनका उपयोग कर सकते है. लेकिन कुछ लोकप्रिय वेबब्राउज़र इस प्रकार से है.

Internet Explorer

सन 1995 में Microsoft Corporation के द्वारा लाया गया था. तथा सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला एक वेबब्राउज़र है.

Google Chrome

ये Google कंपनी का एक लोकप्रिय उत्पाद है. तथा इसे सन 2008 में लाया गया था. दुनिया भर में आधे से ज्यादा लोग इसका उपयोग करते है.

Mozilla Firefox

ये mozilla कंपनी का उत्पाद है. तथा इसे 2004 में लाया गया था. गूगल क्रोम के बाद सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला ये वेबब्राउज़र है.

Safari

इसे एप्पल कंपनी द्वारा विकसित किया गया है. तथा ये एप्पल के उत्पाद में सबसे ज्यादा उपयोग होता है. इसे सन 2003 में लाया गया था.

Opera

इसका यूज़र इंटरफ़ेस बाकि ब्राउज़र से काफी ज्यादा अच्छा है. जिसे आसानी से कोई भी उपयोग कर सकता है.  

मेरे कुछ शब्द

इस आर्टिकल को लिखने का हमारा उद्देश्य आप तक वेबब्राउज़र के बारे में विस्तार से जानकारी पहुँचाना है. जिससे आप इन्टरनेट से जुड़ कर अपने कार्य को आसान बना सके. हमने इस आर्टिकल में आपको वेबब्राउज़र की परिभाषा से लेकर ये कैसे काम करता है. और इसके काम करने में जितने भी उपकरण और स्तर है. उसकी पूर्ण जानकारी देने का प्रयत्न किया है.

हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम आप तक संपूर्ण जानकारी बिल्कुल आसान भाषा में ले के आए. जिससे आपकी पढने में रूचि बनी रहे. मैं उम्मीद करता हुं आपको ये आर्टिकल पढने में मज़ा आया होगा.

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