इन्टरनेट क्या है? (What is Internet in Hindi)| Types of internet in Hindi.

दोस्तों इस आर्टिकल हम आपको जानकारी देने वाले है Internet  के बारे में. हमने पूरी कोशिश की है कि आपको सरल से सरल भाषा में इन्टरनेट क्या है? (What is Internet in Hindi / Types of internet in Hindi) में जानकारी मुहैया कराए.

इंटरनेट क्या है? (What is Internet in Hindi)

इंटरनेट को सरल भाषा में समझे तो ये एक जाल (net) जिसमे करोड़ो उपकरण (devices) आपस में जुड़े होते है. अगर आप अपने मोबाइल का internet चालू कर देते हो तो ये भी उसी करोड़ो उपकरण के जाल का भाग बन जाता है. जिसे internet कहते है.

अगर मेरे पास दो computer है और अगर मैं इन्हें आपस में जोड़ देता हुं. तो इंटरनेट बन जाएगा. इसी प्रकार से दुनिया के सारे computer आपस में जुड़ कर internet बनाते है. इस जाल में प्रत्येक computer और मोबाइल  का अपना IP address होता है.

IP address क्या होता है? (IP address on internet in Hindi)

IP address ठीक वैसे ही जैसे आपके घर का address होता है. जैसे अगर आप मुंबई में रहते हो. और दिल्ली से आपके रिश्तेदार ने आपको एक पार्सल भेजा. ये पार्सल आपके घर तक आपने address के माध्यम से आता है. इस address में सबसे पहले आपके शहर का नाम फिर, Area का नाम, फिर मोहल्ले  का नाम, फिर मकान नंबर होता है. वैसे ही internet के IP address में आपके country code से लेकर आपके computer device code तक की जानकारी होती है.

अगर ये address नही होता तो सही जगह पर पार्सल आना असंभव था. ठीक उसी तरह इंटरनेट के इस जाल में प्रत्येक computer का एक address होता है, जिसे हम IP address कहते है.

IP address का full form “Internet Protocol” होता है. जो बहुत सारे अंकों से मिल कर बनता है.

Internet कैसे काम करता है? (How internet works in Hindi)

Internet कैसे काम करता है. इसको समझने के लिये थोड़ा विस्तार में जाना होगा. आपका मोबाइल भी internet का ही भाग है. जो wireless internet से कनेक्ट है. जो आप पास के किसी mobile टावर से जुड़ा हुआ है.

लेकिन वास्तव में internet wireless नही होता है. Internet वास्तव में तारों (wire) का जाल है. ये जाल समुद्र के अंदर बिछे  होते है. जो एक देश को दूसरे देश से जोड़ते है. इस प्रकार से ये हमारी पूरी दुनिया को जोड़ते है. ये ये  तार wire optical fiber के नाम से जाने जाते है.

बड़ी बड़ी कंपनी इस काम को करती है. समुद्र के  अंदर तारों का विशाल जाल बिछा या जाता है. हमारे देश की TATA and Reliance जैसी कंपनी भी इसमें अग्रणीय है. ये wire देश के प्रमुख केन्द्र में जो समुंद से नज़दीक हो  वहाँ  तक आता है. हमारे देश में मुंबई इसका मुख्य केंद्र है.

फिर मुख्य केंद्र से विभिन्न देशों की वहा की स्थानीय कंपनी देश के अंदर optical fiber का जाल देश के विभिन्न राज्यों और राज्यों से विभिन्न शहरों और गावों तक ले जाया जाता है.

अब एक क्षेत्र के आकर के हिसाब से mobile टावर लगाए जाते है. अगर शहर बड़ा है तो हर एरिया में टॉवर लगाया जाएगा. और गाँव  है तो एक टावर लगाया जाता है. ये टावर पर लगे उपकरण और लोगो की आबादी पर निर्भर करता है. जैसे 5G Technology में हर 300 मीटर की दूरी पर एक  tower लगाया जाएगा.

टावर लगने के बाद इस टावर को optical fiber wire से जोड़ा जाता है. और नज़दीकी tower से wireless internet के माध्यम से आपके मोबाइल तक internet पहुँचता है. इस प्रकार से internet आप तक पहुँचाया जाता है.

ब्रॉडबैंड में तार ही सीधा आप तक पहुँचाया जाता है. जो की wire internet का प्रकार है.

Fiber optical तारों के जाल को एक बार बिछाना होता है. उसके बाद समय समय पर उनकी निगरानी करनी होती है. और कोई तार क्षति हो जाए तो बदलना होता है. क्योंकि तार समुद्र के अंदर होते है. तो काफी सम्भावना होती है कि समुद्री जानवर क्षति तारों पहुँचाए.

Internet कितने प्रकार का होता है? (Types of internet in Hindi)

Internet को इसमें उपयोग होने वाले या  जोड़ने वाले उपकरणों के आधार पर विभिन्न प्रकारो   में विभाजित किया गया है.किसी internet में फ़ोन की लाइन उपयोग होती है. तो किसी में रेडियो frequency (Radio  Frequency ). इस कारण internet की स्पीड भी विभिन्न  प्रकारो में अलग अलग होती है.

Internet के प्रकार इस तरह से है:

Dial-Up

इसमें पब्लिक टेलीफ़ोन की लाइन को internet के लिये उपयोग लिया जाता है. इसमें पब्लिक टेलीफ़ोन की लाइन को computer से जोड़ा जाता है. और नंबर डायल करने पर internet computer से जुड़ जाता है. इसमें लगा modem analog signal को digital signal में बदलता है. और ये सिग्नल पब्लिक टेलीफ़ोन लाइन से स्थांतरित होता है.

इस प्रकार के internet में जब तक internet का उपयोग चालू होता है. तब तक फ़ोन लाइन का उपयोग नही कर सकते है. जिससे internet या फ़ोन लाइन दोनों में से एक ही एक समय में काम करता है.

Internet की स्पीड काफी काम होती है. और वो भी बदलती रहती है. इस प्रकार के internet की स्पीड 28Kbps to 56 Kbps के बीच में होती है.

DSL (Digital Subscriber Line)

DSL का full form Digital Subscriber Line होता है. इसमें फ़ोन और internet के दो अलग अलग wire होते है. इस कारण internet हमेशा उपयोग के लिये उपलब्ध होता है. और internet को कनेक्ट करने के लिये नंबर भी डायल नही करना होता है.

DSL में data स्थान्तरण के लिये router का उपयोग होता है. और इसकी स्पीड भी Dial up से ज्यादा अच्छी होती है,

इस प्रकार के internet की स्पीड 128Kbps to 8Mbps के बीच में होती है.

Cable

जिस प्रकार से Dial up में पब्लिक टेलीफ़ोन की लाइन से internet जोड़ा  जाता है. ठीक उसी प्रकार इस प्रकार के internet में TV cable से इन्टनेट को जोड़ा जाता है. और modem के जरिये signal को रूपान्तरित किया जाता है.

इस प्रकार के internet की स्पीड 512Kbps to 50Mbps के बीच में होती है. जो कि Dial up और DSL से ज्यादा बेहतर विकल्प है.

Broadband

इसे सबसे तेज स्पीड का internet कह सकते है. क्योंकि की इसमें कही माध्यम (Channel) से data को स्थांतरित किया जाता है. Broadband की सेवाएँ आपके टेलीफ़ोन और TV cable ऑपरेटर द्वारा  दी  जाती है. इसमें optical fiber के जरिये Data का  स्थान्तरण किया जाता है. जिससे internet की स्पीड कही गुना बढ़ जाती है.

Wireless

Wireless internet में रेडियो फ्रीक्वेंसी (radio frequency) का उपयोग होता है. जिससे आप कही भी और कभी भी internet का उपयोग कर सकते हो. इसे WIFI भी कहा जाता है. जो एक काफी प्रचलित नाम है.

भारतीय रेलवे ने भारत में कही बड़े रेलवे स्टेशन पर ये internet मुफ्त में मुहैया कराया है. इसमें router के माध्यम

से मोबाइल और कंप्यूटर को जोड़ा जाता है. और router ही डाटा को आगे स्थांतरित करता है.

Satellite

Satellite internet का वह प्रकार जिसका उपयोग तब किया जाता है. जब आपके स्थान पर wirelss और DSL internet उपलब्ध नही हो. इस में तीन प्रकार की Dish लगती है. पहली service provider hub पर, दूसरी अंतरिक्ष  में और तीसरी आपके घर पर.

आपके घर पर लगी Dish से तार के द्वारा कंप्यूटर को जोड़ना होता है. जब internet का उपयोग किया जाता है और कोई request (निवेदन) भेजी जाती है तो ये आपके dish के माध्यम से satellite और satellite से service provider hub को भेजी जाती है. इसी प्रकार से आपको  response (प्रतिक्रिया) भी उल्टे चक्र में प्राप्त होता है.

Satellite internet में मौसम के प्रभाव से स्पीड कम ज्यादा होती रहती है.

Mobile internet

ये internet का वो प्रकार है जो आप अपने mobile में उपयोग करते है. जो कि wireless internet है. लेकिन wire tower तक लगा रहता है.

इसमें service provider और टेक्नोलॉजी (3G, 4G और 5G) के आधार पर internet की स्पीड निर्धारित होती है. इस समय हम 5G Technology की ओर बढ़ रहे है. जिसमे स्पीड अभी के मुकाबले 20 गुना ज्यादा हो सकती है.

Internet का इतिहास क्या है? (History of Internet in Hindi)

इंटरनेट के  प्रकार के लिए हमने अलग से विस्तृत आर्टिकल लिखा है. जिससे  में  हमने  पूरी  जानकारी  आसान  भाषा  में  उपलब्ध  कराई है. आर्टिकल  पर  जाने  के  लिए कृपया इस  पर  click (History of Internet in Hindi?) करे.

इन्टरनेट के फायदे और नुकसान क्या है?

इंटरनेट के  प्रकार के लिए हमने अलग से विस्तृत आर्टिकल (What is Internet in Hindi / Types of internet in Hindi) लिखा है. जिससे  में  हमने  पूरी  जानकारी  आसान  भाषा  में  उपलब्ध  कराई है. आर्टिकल  पर  जाने  के  लिए कृपया इस  पर  click (इन्टरनेट के फायदे और नुकसान क्या है?) करे.

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