Anar ki taseer thandi ya garam?(अनार की तासीर ठंडी या गर्म )

अनार एक गुणकारी फल है. जिसमे अनेक प्रकार के विटामिन, मिनरल्स और पौष्टिक तत्व मौजूद होते है. रोज अनार खाने से आपके शरीर को ताकत मिलती है. और आपकी पाचन क्रिया भी सुचारू रूप से चलती है. लेकिन आपको पता है की अनार को कब नहीं खाना चाहिए. अनार की तासीर क्या है. तो इस आर्टिकल (अनार की तासीर ठंडी या गर्म कोनसी होती है (anar ki taseer thandi ya garam)) में हम आपको अनार की तासीर से जुडी बाते विस्तार में बताने वाले है.

अनार प्राकृतिक तत्व से भरा फल है. जो खाने में खट्टा और मिठ्ठा लगता है. तथा डॉक्टर भी बीमार व्यक्ति को अनार खाने की सलाह देता है. क्यूंकि ये आपके शरीर के साथ मस्तिष्क को भी तरोताज़ा रखता है. लेकिन इसको खाने का एक समय होता है. इसके साथ ही इस प्रकार के तासीर के फल कुछ विशेष रोगों से ग्रषित व्यक्तियों के लिए खतरनाक हो सकता है. इसलिए इस आर्टिकल में हम अनार के तासीर के बारे में विस्तार से बताने वाले है.

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अनार की तासीर ठंडी या गर्म कोनसी होती है? (anar ki taseer thandi ya garam)

अनार की तासीर ठंडी होती है. इसलिए कुछ विशेष रोगों से ग्रषित लोगो को अनार खाने से परहेज करना चाहिए. अगर ऐसे लोग अधिक मात्रा में अनार खाते है. तो इन्हें विभिन्न परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है.

निचे दिए गए निम्न लोगो को अनार की तासीर ठंडी होने के कारन सेवन करने से परहेज करना चाहिए.

  • अगर किसी व्यक्ति को कब्ज की शिकायत है. और निरंतर रूप से कब्ज से परेशान रहते है. तो ऐसे लोगो को अनार से परहेज रखना चाहिए. क्यूंकि अनार की तासीर ठंडी होने के कारण ये कब्ज को बढ़ा देता है.
  • जिन व्यक्तियों को लो ब्लड प्रेशर (low blood pressure) है. ऐसे लोगो को अनार खाने से परहेज करना चाहिए. क्योंकि अनार की ठंडी तासीर होने के कारन ये खून की गति (blood circulation) को कम करता है. जिससे लो ब्लड प्रेशर (low blood pressure) व्यक्तियों को परेशानी होती है.
  • ऐसे लोगो को अनार के फल से दूर रहना चाहिए. जिसे गैस्टिक की परेशानी है. क्योंकि अनार की तासीर ठंडी होने के कारन ये खाने को पेट के अन्दर पचने नहीं देता है. जिससे खाना पेट के अन्दर ही सड़ता है.
  • एड्स और मानसिक रोगियों को अपने दवाई के साथ अनार के सेवन से दूर रहना है. अनार ऐसे रोगियों को नुकसान पंहुचा सकता है.

अनार के दाने खाने के फायदे क्या है?

अनार को कब खाना चाहिए / अनार का जूस कब पीना चाहिए?

अनार को दोपहर के बाद खाने से कोई लाभ नहीं होता है. इसलिए अगर आप अनार से एक अच्छी सेहत प्राप्त करना चाहते है. तो इसे अपने नास्ते में जगह दे. आप अनार के रस को नियमित रूप से सुबह सवेरे ले सकते है. ये आपके पुरे दिन को तरोताजा रखता है.

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अनार खाने के नुकसान क्या है?

अनार एक गुणकारी फल है. लेकिन किसी भी वस्तु का एक सीमा से अधिक मात्रा में सेवन करने के बाद उसके साइड इफ़ेक्ट (side effect) देखने को मिलते है. इसलिए किसी भी वस्तु का सेवन एक मात्रा में करना चाहिए है. अनार से होने वाले नुकसान निम्न प्रकार के है.

  • अत्यधिक मात्रा में अनार खाने से गैस की समस्या होती है. इसलिए सप्ताह में सिर्फ तीन या चार दिन ही अनार या अनार के ज्यूस का सेवन करे.जो लोग अपना वजन कम करना चाहते है.
  • ऐसे लोगो को अत्यधिक अनार खाने से परहेज करना चाहिए.ऐसे लोगो को अनार खाने से परहेज करना चाहिए. जिन्हें हमेशा खासी की समस्या रहती है. अनार आपके खासी की समस्या को बढ़ा सकता है.
  • कुछ लोगो को अनार के सेवन से एलर्जी और खुजली की समस्या रहती है. ऐसे लोगो को अनार से दूर रहना चाहिए.
  • जो लोग ब्लड प्रेशर की दवाईया लेते है. उन्हें अनार खाने से परहेज करना चाहिए. क्योंकि ब्लड प्रेशर की दवाईया और अनार आपस में रियेक्ट (प्रतिक्रिया) करती है.

निष्कर्ष

इस आर्टिकल (अनार की तासीर ठंडी या गर्म कोनसी होती है? anar ki taseer thandi ya garam) को लिखने का हमारा उद्देश्य आपको अनार के तासीर के बारे में बताना है. अनार का तासीर ठंडा होता है. इसी कारन कुछ रोगों में आपको अनार के उपयोग से परहेज करना चाहिए. अन्यथा आप जटिल परेशानी में भी फँस सकते है. अनार खाने का सबसे उत्तम समय सुबह का होता है. क्यूंकि इसी समय आपको ताकत और शक्ति की जरूरत होती है.

अनार में हजारो गुण होते है. और सम्पूर्ण पौषक तत्वों से भरपूर है. लेकिन इसके बावजूद भी ये विशेष लोगो के लिए हानिकारक हो सकता है. अगर आपको अनार के सेवन से कोई एलर्जी होती है. या खुजली आती है. तो आपको अनार से दूर रहनी की सलाह दी जाती है.

 

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