What is Quantum Computer in Hindi? हमारे कंप्यूटर का भविष्य!

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको जानकारी देने वाले है Quantum Computer  के बारे में. हमने पूरी कोशिश की है कि आपको सरल से सरल भाषा में आर्टिकल “What is Quantum Computer in Hindi“में जानकारी मुहैया कराए.

Quantum कंप्यूटर क्या है? (What is Quantum Computer in Hindi)

Quantum कंप्यूटर भविष्य का कंप्यूटर है. जो आज के कंप्यूटर से कही लाखों गुना तेज होगा. एक रिचर्स से ज्ञात हुआ है कि 40 Qubit वाला quantum कंप्यूटर आज के सुपर कंप्यूटर से भी ज्यादा आगे होगा.

Quantum कंप्यूटर, quantum physics के  आधारित पर विकसित किया जा रहा  है. 

Quantum physics किया है? (What is Quantum Physics in Hindi)

Quantum computer, quantum physics पर काम करेगा. Physics को दो भागों में विभाजित किया गया है. पहला Classic physics और दूसरा Quantum physics.

Classical physics, physics का वो भाग जिसमे उन सारी वस्तुओ का अध्ययन होता है. जिसे हम होते हुए देख सकते है, जैसे की gravity जब कोई वस्तु नीचे गिरती है. तो हम देख सकते है. कि gravity के बल के कारण वो वस्तु नीचे गिर रही है.

Quantum physics, physics का वो भाग जिसे वस्तुओ को होते हुए हम नही देख सकते है. आपने ज़रूर पढ़ा होगा की हमारा ब्रह्माण्ड एटम (Atom) से बना है. Atom वो स्तर है जहा तक किसी भी वस्तु के लक्षण (Property) बरकरार रहते है. जैसे हम किसी धातु को atom तक तोड़ने है. तो Atom में उस धातु के गुण रहते है. लेकिन अगर atom को आगे और तोड़ेंगे तो उस धातु के गुण नही रह पाएँगे.

जैसा की हम जानते है कि एक atom में Electrons, Protons, और Neutrons होता है. Protons और neutrons atom के गर्भ में होता है और electrons गर्भ के चारों ओर चक्कर लगाता  है.

Quantum physics में इसी atom और इसके भागों का अध्ययन होता है. जिसको समझना classic physics को समझने से भी काफी मुश्किल है. और बड़े बड़े वैज्ञानिक के लिये भी बहुत मुश्किल होता है.

Quantum computer वर्तमान के कंप्यूटर से कितना अलग होगा?

आज हम जो computer उपयोग लेते है. उसे Binary कंप्यूटर कहते है. Binary का मतलब होता है 0 और 1. हमारा आज का वर्तमान कंप्यूटर हर इनपुट को 0 या फिर 1 से समझता है. इन 0 और 1 को bits कहा जाता है.

वर्तमान के कंप्यूटर के प्रोसेसर में एक सिलिकॉन चिप (Silicon Chip) लगी  होती है. जिसमे हजारों ट्रांजिस्टर लगे होते है.

ट्रांजिस्टर की दो स्थिति होती है. पहली ट्रांजिस्टर ON स्थिति (Transistor ON condition) और ट्रांजिस्टर OFF (Transistor OFF condition) स्थिति.

Transistor ON condition

ट्रांजिस्टर ON  स्थिति का मतलब Binary language में 1 होता है. Computer के algorithm में स्थिति (condition) पूरी होती  है. और करेंट (current) ट्रांजिस्टर से अंदर से गुजर पाता है.

Transistor OFF condition

ट्रांजिस्टर OFF स्थिति का मतलब Binary language में 0 होता है. मतलब स्थिति (condition) पूरी नही होती है और करेंट ट्रांजिस्टर के अन्दर से नही गुजर पाता है.

आज के कंप्यूटर को समझाने के लिये computer प्रोग्रामर 0 और 1 का उपयोग करते  है. 0 और 1 का उपयोग कर संभवत सारी condition algorithm में लिखनी होती है.

Computer लिखे गए algorithm के अनुसार एक-एक (one by one) करके सारी स्थिति (condition) को जाचता है. और इस प्रकार अपने  अंतिम निर्णय पर पहुँचता  है. सारी condition को जाचने में काफी ज्यादा समय लगता है. इस कारण वर्तमान computer की स्पीड भविष्य के कंप्यूटर से काफी कम कह सकते है.

वही Quantum कंप्यूटर Qubits के आधार पर काम करता है. जिसमे 0, 1, 01 (0 और 1 एक साथ) की स्थिति होती है. जिसे  Qubits कहते है.

Quantum bits (Qubits)

Quantum कंप्यूटर Quantum bits (Qubits) पर काम करता है. Qubits में दो स्थिति की जगह पर चार स्थिति होगी. ये स्थिति इस प्रकार से होगी:

  1. 1
  2. 0
  3. 1 और 0 (10)
  4. 0 और 1 (01)

तो इस तरह से quantum computer 0 और 1 की स्थिति एक साथ जाँच पाता है जिससे समय बच पाएगा.

क्योंकि Atom में Neutron (न्युट्रान) जो गर्भ के चारों ओर चक्कर लगाता है. वो एक ही समय में 0 पर भी हो सकता है और 1 पर भी हो सकता है. जिसको प्राप्त करना असंभव है. तो Neutron चारों स्थिति में होता है.

Quantum computer के algorithm बनाना इतना कठिन क्यों है?

वर्तमान कंप्यूटर में algorithm लिखने के  लिए  if, else, this और that का उपयोग होता है. लेकिन quantum कंप्यूटर के algorithm को both condition के साथ लिखना होता है. मतलब quantum कंप्यूटर एक साथ 0 और 1 दोनों की स्थिति को जाँच सकता है. जो आज के algorithm से बहुत अलग है.

हमारे वैज्ञानिक algorithm लिखने में लगातार काम कर रहे है. वो कही algorithm लिख भी चुके है. लेकिन इस काम को पूरा करने में कही साल लग सकते है.

Quantum कंप्यूटर के बनाने में क्या कठिनाई आ रही  है.

Quantum कंप्यूटर को बनाने में हमारे वैज्ञानिको को बहुत सारी कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है. क्योंकि Atomic Energy का उपयोग करना इतना आसान  नही है. Atomic रिएक्शन को देखना असंभव है.

तापमान

Quantum computer को बनाने में कही कठिनाई आ रही है. उस में  से सबसे पहली तापमान है. Atom की स्थिति को प्राप्त करने के लिये atom को 0 डिग्री Kelvin तक ठंडा करना होता है. इसका मतलब है -273.15 डिग्री Centigrade तापमान को बनाए रखना होता है.

नीचे दिये  गए फोटो में IBM कंपनी द्वारा बनाया गया quantum कंप्यूटर है. जिसका नाम IBM Q है. वास्तव में ये कूलर ही है जिसके अलग अलग स्तर में विभिन्न ठंडी गैस जैसे हीलियम भरी होती है. तापमान को ठण्डा बनाए रखने के लिये.

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तो सबसे बड़ी कठिनाई तापमान बरक़रार रखने में है. जिसका अभी तक कोई विकल्प नही है.

आकार

जैसे आप ऊपर फोटो में देख रहे है. तापमान को बरक़रार रखने के लिये इतने बड़े विशाल कूलर को बनाया गया है. तो इस कूलर को आप अपने घर में नही लगा सकते है.

अभी इस पर काफी बड़ी संस्थान शोध कर रही है कि Atom अवस्था को कैसे प्राप्त किया जाए.

Algorithm

Qubits में चार स्थिति होती है. जो वर्तमान के bits से पूरी तरह से अलग है. Quantum कंप्यूटर के सारी Algorithm को फिर से Qubits के हिसाब से लिखना होगा. तभी quantum कंप्यूटर प्रोग्राम और  Algorithm को समझ पाएगा.

Qubits में प्रोग्राम और Algorithm लिखने में प्रोग्रामर को काफी सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. अभी इसमें शोध चल रहा है.

Quantum कंप्यूटर की खासयते

जैसा कि आपको पता है quantum कंप्यूटर वर्तमान के कंप्यूटर से लाख गुना तेज होंगे. एक शोध के अनुसार वर्तमान computer को 300 अंकों की गणना को करने में 10 साल लग जाते है. Quantum कंप्यूटर विकसित करने  का फायदा कही ऐसी गणना करने में मिलेगा जो अभी असंभव है.

सुपर स्पीड

23 October 2019 google ने एक प्रदर्शन “Demonstrating Quantum Supremacy” नामक में एक कठिन calculation (गणना) को अपने quantum कंप्यूटर के द्वारा सिर्फ 200 second में पूरा पर दिया. वही google कंपनी का दावा था की इसको पूरा करने में वर्तमान सुपर कंप्यूटर को 10 साल लग जाते है.

इससे ऐसा लगता है कि Quantum कंप्यूटर वर्तमान के  सुपर कंप्यूटर से भी ज्यादा तेज और सक्षम होगा।

सुरक्षा (Security)

Quantum कंप्यूटर को सुरक्षा की दृष्टि से काफी उन्नत देखा जा रहा है. ऐसे तो  हर प्रकार की  सुरक्षा को तोडा जा सकता है. लेकिन सुरक्षा को तोड़ने में समय कितना मिलता है. इस दृष्टि से सुरक्षा के पैमाने का देखा जाता है.

जैसे आपने अपने computer में 2 password सेट किये. एक password को तोड़ने में 10 मिनट लगती है. तो दोनों तो तोड़ने में 20 मिनट लगेगी. इतने लंबे समय तक आपको पता चल जाएगा की कोई आपके कंप्यूटर से बंदमाशी कर रहा है.

माना जा रहा है कि Quantum कंप्यूटर की भी सुरक्षा को तोडा जा सकता लेकिन इसके लिये 10 हजार साल लगेंगे.

चिकित्सा में

हम लोगो ने अभी तक पोलियो जैसी महामारी की दवाई बना ली है. लेकिन HIV की दवाई बनाना अभी भी हमारे से कोसो दूर है. क्योंकि HIV वायरस  का अध्ययन करना ही कठिन हो रहा है. इसके लिये हमारे पास इतने कारगर कंप्यूटर और तकनीक नही है. जो सूक्ष्म वायरस को अध्ययन और परीक्षण कर सके.

Quantum computer, atom energy पर आधारित है. इससे सूक्ष्म से भी सूक्ष्म कणों जैसे DNA, प्रोटीन इन्यादी का  अध्ययन  करने में मदद मिल सकती है.

Artificial Intelligence और Machine Learning में

Artificial intelligence और Machine learning पर लगातार काम चल रहा है. और भविष्य में इसका उपयोग बढ़ने वाला है. Artificial intelligence और machine learning से परिणाम प्राप्त करने के लिये कंप्यूटर को हजारों गणनाओ को सेकंड (second) के भी कम भाग में करनी होती है.

ऐसी जटिल गणनाए Quantium कंप्यूटर से हो सकती है. और बहुत ही कम समय में परिणाम प्राप्त किये जा  सकते है.

शेयर मार्किट  में 

चूँकि शेयर  मार्किट  एक जटिल  क्षेत्र  है. इसमें  लगातार  पूरे   दिन शेयर  के  भाव  ऊपर  नीचे होते  रहते  है. जिसके  लिए  बहुत  सारी  गणनाएँ  कंप्यूटर  में  चलती  रहती  है. इसलिए  अच्छी  स्पीड  के  कंप्यूटर  होना  आवश्यक  है. और  Quantum Computer  इसमें  मदद  कर  सकता  है.

Economy  Forecast (अर्थव्यवस्था का पूर्वानुमान)  लगाने  में  Quantum  computer  कारगर  साबित  हो सकता  है। 

हमे Quantum कंप्यूटर कब तक मिलेगा ?

अभी quantum कंप्यूटर पर काम अनुसंधान (रिसर्च) के स्तर पर है. Quantum कंप्यूटर को साकार रुप देने के लिये कही बड़ी कंपनी लगी है. IBM, Google और Apple जैसी बड़ी कंपनी इसको बनाने में लगी है. इन कम्पनियो में Quantum Computer  बनाने की होड़ लगी है.

जो सबसे पहले quantum कंप्यूटर बना लेगा, वो अपना quantum कंप्यूटर का पेटेंट (patent) भी अपने नाम पर सबसे पहले बना लेगा. और पैसे छाप लेगा. उनके लिये ये पैसे छापने की मशीन साबित हो सकती  है. लेकिन हमारे लिये quantum कंप्यूटर हमारे कंप्यूटर का भविष्य है.

दोस्तों हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम आप तक संपूर्ण जानकारी बिल्कुल आसान भाषा में ले के आए. जिससे आपकी पढने में रूचि बनी रहे. मैं उम्मीद करता हुं आपको ये आर्टिकल पढने में मज़ा आया होगा.

दोस्तों अगर आपको ये What is Quantum Computer in Hindi आर्टिकल अच्छा लगा है. तो इसे अपने उन सब दोस्तों के पास पहुँचाए जो Competition Exam की तैयारी कर रहे है. नीचे Comment लिख कर बताए. आपको किस Topic पर आसान  भाषा में जानकारी चाहिए. कृपया इसको अपने दोस्तों के साथ Whatapp, Facebook या link share करे.

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