What is Artificial Intelligence in Hindi? और ये कितने प्रकार की होती है?

दोस्तों इस आर्टिकल हम आपको जानकारी देने वाले है Artificial intelligence के बारे में. हमने पूरी कोशिश की है. कि आपको सरल से सरल भाषा में What is Artificial Intelligence in Hindi आर्टिकल में जानकारी मुहैया कराए.

What is Artificial Intelligence in Hindi?

Artificial Intelligence को हम हिंदी में कृत्रिम बुदिमता भी कह सकते है. जिसका शाब्दिक अर्थ होता है एक ऐसा दिमाग जो मनुष्य द्वारा बनाया गया हो. और उस में मनुष्य के जैसे ही समझदारी हो. एक ऐसा कृत्रिम दिमाग जो मनुष्य की तरह की अपने अनुभवों से निर्णय लेने में सक्षम हो.

मनुष्य के पास 5 प्रकार के सेंस है. जो प्राकृतिक है. प्रकृति ने हमे दिए. जिसके द्वारा दिए गए इनपुट के आधार पर हमारा दिमाग निर्णय लेता है. जैसे की जब कोई हमसे सवाल करता है तो हमारे कान हमारी सुनने की सकती से हमे इनपुट देता है. इसी इनपुट को हमारा दिमाग प्रोसेस करता है. और निर्णय लेता है की हमे क्या उत्तर देना है. यही हमारी बुदिमता है.

अगर हम ये बुदिमता हमारे द्वारा बनाई गई मशीनों में विकसित कर दे. तो हमारा बहुत सारा काम कम हो जाएगा. क्योंकि फिर हमे मशीनों को इनपुट देनी की जरूरत नही रहेगी. और वो अपने आप ये जान पाएगी की इंसानों क्या काम चाहिए.

इसका बहुत ही अच्छा उदाहरण आज के समय में Amazon Alexa है. जो की speech recognition टेक्नोलॉजी पर आधारित है. हमारे बोले हुए वाक्यों को Amazon Alexa अपने कृत्रिम बुदिमता से समझने में सक्षम है. और उसे के अनुसार हमे आउटपुट या रिप्लाई देती है.

वैसे Artificial Intelligence कंप्यूटर साइंस की एक ब्रांच है. जो लोग कंप्यूटर साइंस में पढ़ते है. वो Artificial Intelligence के बारे में भी पढ़ते है.

Artificial Intelligence को किस प्रकार से विकसित किया जाता है?

हम लोग आज कल नए नए रोबोट के बारे में जानने लगे है. कही देशों ने इस ओर अग्रणीय काम किया है. हमने अब तक इस ओर काफी कदम उठाए और सफल भी रहे है.

 ये robots दर सर मशीनें है. ये Artificial Intelligence में नही आती है. इनका जो दिमाग है वो Artificial Intelligence में आता है. ये robots अपने दिमाग से decision लेती है कि उन्हें क्या करना है.

अब आप सोचोंगे की इन दिमागों में ऐसा क्या होता है जिससे ये इतना सटीक decision ले पाते है. तो मै बताना चाहूँगा इन दिमागों में computer codding होती है. जो की इतनी समझदार होती है जो अपने अनुभव से उचित निर्णय ले पाती है. जैसे इन्सान लेता है.

इन computer codding में algorithm लिखे जाते है. जिसमे step wise step ये बताया जाता है कब और क्या करना है. ये algorithm को इतनी बुदिमता से लिखा जाता है की इसमें संभवत सारी स्थिति और स्थिति के अनुसार क्या निर्णय लेना है और क्या एक्शन लेना है. इसका पूरा विवरण होता है.

Artificial Intelligence का इतिहास क्या है? (History of Artificial Intelligence in Hindi)

जब से इन्सान की उत्पति हुई है. तब से इन्सान का दिमाग भी लगातार विकसित होते जा रहा है. हमारा दिमाग आज जितना विकसित है. उसको विकसित होने में सेकड़ो सालों का लंबा समय लगा है. उसी तरह कृत्रिम बुदिमता की कल्पना भी इतनी नई नही है जितनी. लगती है.

इन्सान 20वी शताब्दी के शुरुआत से ही इस दिशा में लगातार शोध करता आ रहा है. और अब जा के हम कुछ ऐसे उपकरण बना पाए है. जिसका उपयोग दैनिक जीवन में भी करते है. जो पूरी तरह से Artificial Intelligence पर आधारित है.

20वी शताब्दी के शुरुवात तक हम कृत्रिम बुदिमता की कल्पना कहानियों और कथाओं में कर चुके थे.

सन 1940 तक हमारे पृथ्वी पर वैज्ञानिकों, गणितज्ञो और दार्शनिकों की एक फ़ौज बन गई थी. जो ये मानती थी की जब इन्सान अपने याददास्त शक्ति का उपयोग करके निर्णय ले सकता है तो मशीन क्यों नही ले सकती है.

सबसे पहले सन 1943 में Warren McCulloch and Walter pits ने कृत्रिम न्यूरॉन्स के एक मॉडल का प्रस्ताव रखा.

सन 1950 में ब्रिटिश युवा गणितज्ञ Alan Turing ने एक परीक्षण पेपर “कंप्यूटिंग मशीनरी और इंटेलिजेंस” नाम से प्रकाशित किया. जिसमे उन्होंने एक परीक्षण प्रकाशित किया जिसमे उन्होंने चर्चा की किस प्रकार से  कृत्रिम बुदिमता को मानव दिमाग के साथ परखा जा सकता है.

तब तक कंप्यूटर सिर्फ codding को प्रोसेस ही करने के लिये ही बना था. कंप्यूटर में प्रोसेस कोड के परिणाम को सुरक्षित रखने की क्षमता नही थी. उसके बाद कंप्यूटर में याददास्त क्षमता का विकास किया गया. जो इस और पहला कदम कह सकते है.

उसके बाद समय के साथ कही वैज्ञानिकों ने परीक्षण किये. और आज हम इन परीक्षणों के साथ यहा तक पहुचे है. की हमने Speech recognition और Visual Recognition जैसे उपकरण बना चुके है.

लेकिन अभी भी इस दिशा में बहुत सारे शोध होना बाकी है. क्योंकि इन्सान ने दिमाग को विकसित करने में सैकड़ों सालों का संघर्ष किया  है.

Artificial Intelligence कितने प्रकार की है? (Types of Artificial Intelligence in Hindi)

Artificial Intelligence चार प्रकार की है या यह कह सकते है. Artificial Intelligence चार स्तर पर विकसित की जा सकती है.

ये चार प्रकार इस तरह से है:

REACTIVE MACHINES (यथार्थवादी मशीनों)

इस स्तर पर उस प्रकार की मशीनें शामिल की जाती है जो आपके क्रिया (Input) के अनुसार प्रतिक्रिया देती है. इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण Deep Blue शतरंज खेलने वाला computer है. जिसे IBM ने विकसित किया है. जिसने 1990 के दशक में अंतर्राष्ट्रीय ग्रैंड मास्टर गैरी कास्परोव को शतरंज में हराया था.

Limited Memory (सीमित मेमोरी)

इस स्तर पर उस प्रकार की मशीनें शामिल की जाती है. जो अपने याददास्त की सकते का उपयोग कर के प्रतिक्रिया करती है. इसका बहुत ही बेहतरीन उदाहरण सेल्फ ड्रिवेन कार है. सेल्फ ड्रिवेन कार machine learning तकनीकी के आधार  पर काम करती है.जो Artificial Intelligence का ही भाग है. जो स्थिति का विश्लेषण कर के उस परिस्थिति में पहले से की गई प्रतिक्रिया को दोहराते है.

Theory of mind (मन का सिद्धांत)

इस स्तर की मशीनें आज उपयोग किये जाने वाली मशीनों से बहुत अलग होगी. ये मशीनें इन्सान और इन्सान के तरीकों को समझने में सक्षम होगी. और इंसानों की रूचि के अनुसार अपने आप को बदलेगी. ये मशीनें इन्सान के रूचि के अनुसार ही प्रतिक्रिया देगी.

इसका आज के समय में बहुत ही अच्छा उदाहरण Facebook है. Facebook की codding इस प्रकार से लिखी गई है. जिससे आप जब भी Facebook का उपयोग करे. Facebook हमेशा आपके जान पहचान के लोगो को आपके Friend suggestion लिस्ट में दिखाता है. जिससे आप ज्यादा से ज्यादा समय Facebook पर बिता पाते हो.

Self Awareness (आत्म जागरूकता)

ये Artificial Intelligence का आख़िरी स्तर होगा. और Theory of mind का अगला स्तर है. इस स्तर में मशीनें इंसानों की तरह आत्मजागरूक होगी. इसका मतलब ये है की जब हम गुस्से में भी किसी को गलत बोल देते है तो हमे बाद मै ये अहसास होता है कि हमे ऐसा नही बोलना चाहिए. और हमारी वजह से किसी को दुःख पहुँचा है. इसे आत्म जागरूकता कहते है.

एक और उदाहरण से समझे तो जब आप Signal पर खड़े है. और पीछे से कोई बार बार हॉर्न दे तो हमे उस आदमी पर बहुत गुस्सा आता है. और हमे ये भी अहसास होता है कि अगर इस तरह का व्यवहार अगर हम करते है तो सामने वाले को कितनी परेशानी होती होगी.

इस स्तर पर Artificial Intelligence को विकसित करने में अभी बहुत समय लगेगा. लेकिन ये Artificial Intelligence का आख़िरी पड़ाव हो सकता है. जब मशीनें इन्सान की तरह आत्म जागरूक होगी.

Artificial Intelligence के क्या नुकसान भी है?

दोस्तों मेरा मानना है कि हर एक चीज़ के फायदे और नुकसान साथ चलते है. लेकिन ये आपके नज़रिये का कमाल होता है. कि आप क्या देखते है.

अगर Artificial Intelligence इंसानों जितनी बुद्धिमान हो जाएगी .तो वो हर एक काम कर लेंगे जिसे करने में आज इंसानों की जरूरत होती है. ये संभव है. हो भी सकता है. और आज भी कही जगह पर Artificial Intelligence ने इंसानों की जगह ले चुकी है.

जैसे आज के समय में कही ऐसे बड़े कारखाने है. जो automation पर चलते है. उनको चलाने के लिये इंसानों की जरूरत नही होती है. जिससे लोगो के रोज़गार भी गए है. लेकिन Artificial Intelligence की वजह से production cost भी काफी हद तक कम भी हुआ है.

हम में से बहुत से लोगो ने Hollywood मूवीज में देखा है. कि मशीनें इतनी सक्षम हो जाती है कि वो अपने जैसी बहुत सारी मशीनें बना लेती है. और फिर इंसानों की सोसाइटी पर आक्रमण करती है. हमने काफी Hollywood मूवीज में देखा है. कि इंसानों और मशीनों के बीच युद्ध होता है.

लेकिन मशीनों की बुदिमता कभी भी इंसानों के बराबर नही हो पाएगी. क्योंकि इन्सान का दिमाग कही सालों से लगातार विकसित होता आ रहा है. और अभी भी हो रहा है. इसके उदाहरण आपके घर में पल रहे वो नन्हे बच्चे जो जन्म से ही समझते है कि मोबाइल को कैसे उपयोग करना है.

Artificial Intelligence में करियर? (Career in Artificial Intelligence)

आने वाला समय Artificial Intelligence का है. अभी इस क्षेत्र में बहुत कुछ होना बाकी है. इस समय Artificial Intelligence में बहुत सारे शोध चल रहे है. बहुत सारी नई संस्थान भी इस और अपने कदम बढ़ाने चाहती है. क्योंकि वक्त के साथ सबको बदलना पड़ता है.

ये कंप्यूटर साइंस की एक ब्रांच है. और इसे आप एक मह्त्वकंशी करियर के रुप में अपना कर अपना भविष्य निर्धारित कर सकते है.

दोस्तों हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम आप तक संपूर्ण जानकारी बिल्कुल आसान भाषा में ले के आए. जिससे आपकी पढने में रूचि बनी रहे. मैं उम्मीद करता हुं आपको ये आर्टिकल पढने में मज़ा आया होगा.

दोस्तों अगर आपको ये What is Artificial Intelligence in Hindi आर्टिकल अच्छा लगा है. तो इसे अपने उन सब दोस्तों के पास पहुँचाए जो Competition Exam की तैयारी कर रहे है. नीचे Comment लिख कर बताए. आपको किस Topic पर आसान भाषा में जानकारी चाहिए. कृपया इसको अपने दोस्तों के साथ Whatapp, Facebook या link share करे.