हनुमान चालीसा का पाठ करने के नियम और विधि

ऐसा माना जाता है की हनुमान जी कलयुग के देव है. तथा ऐसी भी धारणा है की हनुमान जी आज भी धरती पर है. तथा विभिन्न रूपों में प्रकृति और जीवों की सेवा करते है. हनुमान जी की उपासना करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है. और कलयुग में हनुमान चालीसा के पाठ मात्र से ही आप अपने सारे दुखो को मिटा सकते है. इस आर्टिकल (हनुमान चालीसा का पाठ करने के नियम और विधि) में हम आपको हनुमान चालीसा पाठ करने के नियम के बारे में विस्तार से बताने वाले है.

हम में से बहुत से लोग हर रोज भगवान हनुमान जी की उपासन के लिए हनुमान चालीसा पढ़ते है. लेकिन कुछ लोगो को लम्बे समय तक हनुमान चालीसा पढ़ने के बावजूद भी उसका परिणाम देखने को नहीं मिलता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए. हमने पूरा अध्धयन करने के पश्चात् हनुमान चालीसा के पाठ के नियम बिन्दुवत लिखे है.

हम उम्मीद करते है की निचे दिए गए विधि और नियमो का पूर्ण रूप से अनुसरण करने के साथ आपकी हर मनोकामना पूरी हो. हनुमान चालीसा के पाठ से भुत-पिशास को दूर भगाया जाता है. हनुमान चालीसा के नियमित पाठ से शनि, मंगल और बुध ग्रहों की शांति करना संभव है.

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हनुमान चालीसा का पाठ करने के नियम और विधि

हनुमान चालीसा को हिन्दू धर्म में एक उच्चा स्थान मिला है. तथा हमारे गुरुओ के द्वारा भगवान हनुमान की उपासना को सामान्य लोगो के लिए सरल बनाने के उद्देश्य से हनुमान चालीसा लिखी गई है. हनुमान चालीसा को कोई भी व्यक्ति आसानी से पढ़ और याद कर सकता है. और भगवान हनुमान से अपने दुःख हरनी की पार्थना कर सकता है.

हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए निचे दिए गई नियम और विधि का अनुसरण करे.

  • हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए सुबह जल्दी उठे. क्योंकि पूरी विधि को अच्छे तरीके से पूर्ण करने के लिए आपको सुबह के समय की आवश्यकता होती है.
  • जल्दी उठने के पश्चात् अच्छे से स्नान करे. अगर उपलब्ध हो तो आप अपने नहाने के पानी में गंगा जल डाल सकते है.
  • स्नान करने के बाद साफ़ धुले हुए वस्त्र धारण करे.
  • अपने बैठने के लिए लाल रंग का आसन जरुर बिछाए. अगर हो सके तो ऊनी आसन का उपयोग करे.
  • हनुमान जी की मूर्ति को भी पवित्र जल से नहलाए और अच्छे कपड़े से साफ़ कर दे.
  • नहलाने के बाद मूर्ति पर चमेली का तेल और सिंदूर से श्रृंगार करे. भगवान को जनेऊ धारण कराए.
  • हनुमान को हनुमान चालीसा पढने से पहले गुड और चना या बूंदी के लड्डू का भोग चढ़ाए. प्रसाद के साथ तुलसी जरुर चढ़ाए.
  • हनुमान जी को तुलसी चढ़ाने के पीछे एक बहुत ही सुन्दर कहानी है. इसलिए हमेशा हनुमान जी को प्रसाद के साथ तुलसी जरुर चढ़ानी चाहिए.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले प्रभु श्री राम का स्मरण जरुर करे. अन्यथा आपकी पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ व्यर्थ रहेगा.
  • प्रभु श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण जी का स्मरण करे. इसके पश्चात ही हमेशा हनुमान चालीसा का पाठ करे.
  • इसके पश्चात् पुरे दिल से और विश्वास के साथ श्री हनुमान चालीसा का पाठ करे.
  • जितना हो सके उतनी तेज आवाज में हनुमान चालीसा को पढ़े. क्यूंकि जितने सुनते है. उन सभी लोगो को हनुमान चालीसा का लाभ प्राप्त होता है.
  • हनुमान जी चढ़ाए भोग को प्रसाद के रूप में लोगो को बाट दे. और खुद भी अपने परिवार के साथ ग्रहण करे.

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इस प्रकार पुरे विश्वास के साथ सम्पर्ण भाव से श्री हनुमान चालीसा का पाठ करे. आपकी हर परेशानी दूर हो जाएगी. और आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी.

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने हनुमान चालीसा को पढनी के प्रत्येक नियम को बिन्दुओ के द्वारा बताया है. जिससे किसी भी बिंदु पर किसी से कोई गलती नहीं हो. हनुमान चालीसा एक शक्तिशाली पाठ है. जिसके करने मात्र से आपकी बहुत सारी परेशानिया दूर हो जाती है. हनुमान जी को कलयुग के भगवान कहा जाता है. तथा कलयुग में हनुमान चालीसा का पाठ जरुर करना चाहिए.

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हनुमान चालीसा का पाठ हमेशा पुरे मन से भगवान में विश्वास रख कर करना चाहिए. तभी आपका पाठ सफल होता है. अगर आपके मन में कोई संकोच की भावना हो तो आपका पाठ सफल नहीं होता है. भगवान को भी भक्तों की जरूरत होती है. लेकिन भगवान भक्त को अपने चरण में लेने से पहले अपने भक्ति परीक्षा जरुर लेते है.

अगर आपको ये आर्टिकल ज्ञान पूर्वक लगा है. तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ साँझा करे. तथा उन्हें सही विधि और नियमो के साथ हनुमान चालीसा के पाठ के बारे में बताए. भगवान हनुमान जी बहुत उदार है. और वो सभी के दुःख मिटा लेते है.

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