काला सोना किसे कहते हैं | कोयला कैसे बनता है – सम्पूर्ण जानकारी

काला सोना किसे कहते हैं | kala sona kise kahate hain – सोने की चमक से कौन अंजान हैं. पूरी दुनिया में सोने की मांग हैं. और इसी कारन सोने के भाव प्रत्येक दिन ऊपर चढ़ते जा रहे हैं. लेकिन आपको पता हैं की एक ऐसा सोना भी हैं. जिसे काला सोना कहा जाता हैं. तो इस आर्टिकल में हम आपको बताएगे. की काला सोना किसे कहते हैं | kala sona kise kahate hain. तथा इससे जुड़ी प्रत्येक जानकारी भी हम आपको इस आर्टिकल में देंगे.

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काला सोना किसे कहा जाता है | kala sona kise kahate hain

काला सोना कोयले को कहा जाता हैं. जो ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत हैं.

कोयले की जानकारी | कोयला किसे कहते हैं

कोयला एक ठोस कार्बनिक पदार्थ है. कोयला ऊर्जा के मुख्य स्रोतों में से एक है. क्योंकि पूरी दुनिया में ईधन के लिए प्रयुक्त होने वाले 30 से 40 प्रतिशत भाग कोयला हैं. कोयले से अन्य प्रकार के दहन सेल तथा उपयोगी पदार्थ प्राप्त किए जाते हैं. ऊर्जा के मुख्य स्रोत में दूसरे नंबर पर पेट्रोलियम का स्थान आता है. इसका उपयोग भी प्रचुर मात्रा में किया जाता है. विभिन्न प्रकार के कोयले में कार्बन की मात्रा अलग-अलग होती हैं. कार्बन की मात्रा के अनुसार ही कोयले को वर्गीकृत किया गया हैं.

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कोयला कैसे प्राप्त किया जाता हैं?

साधारण लकड़ी को जलाकर और उसके अंगारों को बुझाने के बाद में जो पीछे बचता है. उसे कोयला कहा जाता है. कोयला एक संस्कृत शब्द हैं जो कोकिल शब्द से बना है. तथा कोयला पूरी दुनिया में खनन के द्वारा भी प्राप्त किया जाता है. अंगारों को बुझाकर कर बनने वाले कोयले को ‘लकड़ी या काठ का कोयला’ कहा जाता है. वही खनन के द्वारा प्राप्त कोयले को ‘पत्थर का कोयला’ कहा जाता है.

एक अन्य प्रकार का कोयला भी होता है. जो जानवरों और इंसानों की हड्डियों जलाने से प्राप्त होता है इस कोयले को ‘हड्डी का कोयला’ या ‘अस्थि कोयला’ कहा जाता है.

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कोयले का उपयोग

यह तीनों प्रकार के कोयले घरेलू काम, रासायनिक क्रियाओ और उधोग धंधों में उपयोग लिए जाते हैं. कोयले का मुख्य रूप से उपयोग ईधन रूप में होता है. क्योंकि कोयला को जलाने से बहुत कम या बिल्कुल भी धुँआ नहीं निकलता है. इसके साथ ही कोयले में गंधक की मात्रा बहुत कम होता है जिसके कारण कोयला जल्दी आग को पकड़ लेता हैं.

इनके अलावा का उपयोग अनेक उधोग और रसायनिक प्रक्रियाओ में किया जाता है. जैसे टायर, ट्यूब, कागज, चमड़े, पेन्सिल और जूते के निर्माण में कोयले का उपयोग किया जाता है. कोयले से अनेक प्रकार के रसायन भी प्राप्त किये जाते हैं. कोयले से कोयला गैस बनाई जाती हैं. जिसका उपयोग प्रकाश और ऊष्मा प्राप्त करने के लिए किया जाता हैं.

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धरती के अंदर कोयला कैसे बनता है?

कोयले को बनने में हजारों समय का वक्त लगता है. तथा यह धरती की बहुत गहराई में से प्राप्त होता हैं. इसे खनन के द्वारा प्राप्त किया जाता है. लगभग 1000  साल पहले किसी प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप, बाढ़, और आँधी से धरती पर स्थित पेड़ और वनस्पति धरती के अंदर समा गए.

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धरती के अंदर उच्च दाब और ताप के कारण यह वनस्पति और पेड़ धीरे-धीरे कोयले में परिवर्तित होते गए तथा इस प्रक्रिया को कार्बनीकरण कहते हैं. क्योंकि कोयले में मुख्य रूप से कार्बन मौजूद होता है. चूँकि कोयला वनस्पति के अवशेषों से बना होता है. इसी कारण कोयले को जीवाश्म ईंधन भी कहा जाता है.

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भारत में कोयला कहां पाया जाता है?

वर्तमान में भारत में कोयले के 285 अरब टन का भंडार मौजूद है. कोयले के उत्पादन में भारत पुरे विश्व का तीसरा बड़ा देश है. भारत के आगे दो देश चीन और यू. एस. ए. हैं. भारत में प्राप्त संपूर्ण कोयले का 67% भाग बिजली उत्पादन में खपत होता है.

हमारे देश में कोयले का निष्कर्षण ‘कोल इंडिया लिमिटेड’ द्वारा किया जाता है. जिसकी स्थापना सन 1975 में हुई थी. हमारे देश में कोयला सर्वाधिक झारखंड राज्य से प्राप्त होता है.

भारत में कोयला उत्पादन के तीन मुख्य राज्य के नाम निम्नानुसार हैं:

  • झारखंड
  • उड़ीसा
  • छत्तीसगढ़

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कोयला के प्रकार

कार्बन की मात्रा के अनुसार कोयला को चार भागों में विभाजित किया गया है. यह चार भाग निम्न अनुसार हैं:

  • एंथ्रेसाइट
  • बिटुमिनस
  • लिग्नाइट
  • पीट

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निष्कर्ष

इस आर्टिकल (काला सोना किसे कहते हैं | kala sona kise kahate hain |कोयला कैसे बनता है |कोयला के प्रकार ) को लिखने का हमारा उद्देश्य आपको कोयले के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देना हैं. काला सोना कोयले को कहा जाता हैं. कोयला सोने की तरह ही बहुमूल्य और उपयोगी हैं. क्योंकि कोयले पर बहुत सारे उधोग और धंधे आश्रित हैं. इस आर्टिकल में हमने आपको धरती के अंदर कोयला कैसे बनता हैं. इसके उपयोग और प्रकार के बारे में भी बताया हैं.

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