नक्शा किसे कहते हैं | Naksha kise kahate hain

Naksha kise kahate hain | नक्शा किसे कहते हैं – प्राचीन काल में जब कागज का अविष्कार नहीं हुआ था. तब लोग पत्थर और पत्तो पर लिखते थे. पत्थर पर लिखने के कारन जानकारी हमेशा स्थाई रूप में रहती थी. कागज का अविष्कार मनुष्य जीवन में सबसे महत्वपूर्ण था. कागज के अविष्कार के बाद हम कागज पर अपने भाव प्रकाशित करने लगे. इसी दौर में हमने हमारी कलात्मक समझदारी का उपयोग करके मानचित्रो का निर्माण किया. इस आर्टिकल में हम जानेगे की मानचित्र या नक्शा क्या होते हैं.

naksha-kise-kahate-hain-1

आप को अगर किसी पुराने मंदिर या ईमारत देखने का मौका मिले तो आपको जरुर वहा पर पत्थर पर लिखे अक्षर मिलेगे. अत इससे पता चलता हैं की मनुष्य में शुरूआती दौर से ही वस्तुओ को प्रकट करने की जिज्ञासा होती थी. इसी तरह मनुष्य ने अपनी जानकारी और तथ्यों को नक़्शे के रूप में प्रकट किया हैं.

नक्शा किसे कहते हैं? (naksha kise kahate hain)

मानचित्र शब्द दो शब्द मान और चित्र से मिलकर बना हैं. जिसका अर्थ होता हैं माप या मूल्यों को चित्रों के द्वारा पदर्शित करना हैं. पृथ्वी के किसी क्षेत्र, भाग, जगह, नदी, पहाड़ आदि को पैमाने की सहायता से लघु रूप में कागज पर दर्शाना ही मानचित्र कहलाता हैं. मानचित्र में एक बड़े से भू-भाग और उसमे उपस्थित विभिन्न सरचानाओ को एक विशेष पैमाने के साथ कागज पर छोटे रूप में बताया जाता हैं. मानचित्र का दूसरा ही नाम नक्शा हैं.

Bhugol ka janak kise kahate hain – भूगोल का जनक

आधुनिक युग में मानचित्र सिर्फ भौगोलिक अवस्था को पदर्शित करने तक ही सिमित नहीं रहा हैं. अपितु इस समय मानचित्र में विभिन्न सरचना जैसे मस्तिष्क का मानचित्रण इत्यादि भी दर्शाए जाती हैं. मानचित्र त्रिविम भू-खंड का द्विविम चित्र होता हैं. मानचित्र या नक़्शे में अक्षांक और देशांतर रेखाओ के जाल के प्रक्षेप में किसी भू-भाग, सम्पूर्ण पृथ्वी, ग्रह और उपग्रह का चौरस कागज पर सांकेतिक चिन्हों के साथ प्रारूप होता हैं. मानचित्र में प्रत्येक बिंदु, चिन्ह, रेखाए, शब्द विशेष स्थिति या आकृति का बोध कराते हैं.

naksha-kise-kahate-hain-2

 

इसका एक उदाहरण गूगल मैप हैं. जो गूगलर कंपनी के द्वारा इन्टरनेट के माध्यम से कंप्यूटर और मोबाइल में प्रदर्शित किया जाता हैं. आप गूगल मैप में देखते हैं की दुकान, पेट्रोल पंप, होटल, नदी, पानी, पहाड़, सड़क इत्यादि को विशेष रंग और चिन्ह के साथ प्रस्तुत किया जाता हैं. गूगल मैप भी नक़्शे का एक इलेक्ट्रॉनिक रूप हैं. मानचित्र वह दर्शय हैं जिसमे आप किसी भी भू-खंड को ऊपर से देखने पर प्राप्त करते हैं.

Sri lanka kab swatantra hua tha – श्रीलंका का इतिहास

मानचित्र या नक़्शे में बिल्कुल कम शब्दावली के साथ कलात्मक तरीके से विशेष चिन्हों और रेखाओ के साथ प्रत्येक वस्तुए और तथ्यों को बहुत ही सुन्दरता के साथ प्रदर्शित किया जाता हैं. जिसे कोई भी व्यक्ति बिना भाषा के ज्ञान के भी सिर्फ देखकर समझ सकता हैं. पिछले कुछ दशको में मानचित्र बनाने की कला में बहुत विकास हुआ हैं. द्वितीय युध्द के समय देशों को अपनी अच्छी युध्द रणनीति बनाने के लिए मानचित्रो की जरूरत होती थी. अत इस समय इस कला में विशेष रूप से तरक्की देखने को मिलती हैं.

मानचित्र / नक़्शे कितने प्रकार के होते हैं?

विभिन्न क्षेत्रो में जरूरत के अनुसार मानचित्रो का निर्माण किया जाता हैं. इस प्रकार अनेक प्रकार के मानचित्रो को बनाया जाता हैं. और मानचित्र अनेक प्रकार के होते हैं. लेकिन मुख्य रूप से मानचित्र को दो भागो में विभाजित किया जाता हैं. यह दो भाग निम्नलिखित हैं:·

  • साधारण मानचित्र
  • विशिष्ट मानचित्र

साधारण मानचित्र

साधारण मानचित्र में साधारण रूप से किसी विशेष भू-भाग पर उपस्थित प्रत्येक वस्तुए जैसे नदी, पहाड़, तालाब, समतल मैदान इत्यादि को एक साथ साधारण रूप से दर्शाया जाता हैं.

Ashok kis vansh ka shasak tha – चक्रवर्ती अशोक सम्राट

विशिष्ट मानचित्र

इन मानचित्रो को किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए बनाया जाता हैं. किसी भी एक मानचित्र में सभी तथ्य को दर्शाना संभव नहीं होता हैं. जैसे अगर आप विश्व का मानचित्र बना रहे हैं. और वहा पर जलवायु की दृष्टी से मौसम के अंतर को दर्शाना हैं. तो इसके लिए आप को एक अगल से विशेष मानचित्र का निर्माण करना होगा. जिसमे आप विशेष रंगों और चिन्हों का उपयोग करके जलवायु के अंतर को क्षेत्र के अनुसार मानचित्र में प्रकट कर सकते हैं.

विशिष्ट मानचित्र का उद्देश्य भी विशेष होता हैं. और यह मानचित्र दैनिक प्रयोग के लिए नही होते हैं. विशिष्ट मानचित्र के उदाहरन जनसँख्या के सम्बंधित मानचित्र, सैनिक मानचित्र, राजनितिक मानचित्र, ऐतिहासिक तथा पुरातात्विक मानचित्र इत्यादि हैं.

जनसंचार किसे कहते हैं – जनसंचार के माध्यमों के प्रकार

मानचित्र / नक़्शे के उपयोग

विभिन्न विषयों के अध्ययन के लिए मानचित्रो का उपयोग किया जाता हैं. जैसे किसी स्थान के भौगोलिक जानकारी को प्राप्त करने के लिए मानचित्र एक विशेष भूमिका निभाता हैं. इस प्रकार अनेक क्षेत्रो में मानचित्रो का विशेष उपयोग होता हैं. मानचित्रो का उपयोग निम्नलिखित हैं:·

मानचित्रो का उपयोग किसी स्थान की भौगोलिक जानकारी प्राप्त करने के लिए होता हैं.·

  • किसी नगर या स्थान या गृह निर्माण की योजना बनाने के लिए मानचित्रो का उपयोग किया जाता हैं.·
  • सेना के विभिन्न कार्य जैसे युध्द की योजना, शत्रु सेना की स्थित, अपने संसाधनों और सेनाओ को सही जगह पर लगाना जैसे कार्यो के लिए मानचित्रो का उपयोग किया जाता हैं.·
  • भूमि स्वामीकरण और कर निर्धारण में सरकारे पूरी तरह से मानचित्रो पर निर्भर रहती हैं.·
  • पुलिस अपराधी का पैटर्न मानचित्रो के सहायता से प्राप्त करती हैं.·
  • विभिन्न सड़को और राष्ट्रिय मार्गो के कार्यो की योजनाए नक़्शे से ही संभव हैं.·
  • किसी अज्ञात स्थान तक पहुचने के लिए नक्शा सहायक होता हैं.

श्री रामायण से जुड़े प्रश्न और उत्तर की शृंखला – रामायण की जानकारी

निष्कर्ष

इस आर्टिकल (naksha kise kahate hain| नक्शा किसे कहते हैं) को लिखने का हमारा उद्देश्य आपको नक्शा या मानचित्र की जानकारी देना हैं. मानचित्र विशाल भू-भाग का एक लघु रूप होता हैं. मानचित्र को बनाने में विभिन्न गणना और कला की जरूरत होती हैं. क्योंकि मानचित्र में आपको विभिन्न वस्तुए एक साथ छोटे से कागज पर दर्शानी होती हैं. मानचित्र का विभिन्न क्षेत्रो में उपयोग किया जाता हैं. इस आर्टिकल में हमने आपको यह बताया की मानचित्र दो प्रकार सामान्य और विशिष्ट होते हैं.

Abhimanyu kiska putra tha – महाभारत में अभिमन्यु की कहानी

कर्क रेखा किस राज्य से नहीं गुजरती है – कर्क रेखा किसे कहते हैं

आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हैं. यह हमे तभी पता चलेगा जब आप हमे निचे कमेंट करके बताएगे. यह आर्टिकल विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओ की दृष्टी से भी महत्वपूर्ण हैं. इसलिए इस आर्टिकल को उन लोगो और दोस्तों तक पहुचाए जो प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. क्योंकि ज्ञान बाटने से हमेशा बढ़ता हैं. धन्यवाद.

1 thought on “नक्शा किसे कहते हैं | Naksha kise kahate hain”

Leave a Comment

x