रिश्तेदार का बच्चा गोद लेने के नियम / बच्चा गोद लेने के लिए कांटेक्ट नंबर

रिश्तेदार का बच्चा गोद लेने के नियम / बच्चा गोद लेने के लिए कांटेक्ट नंबर – जो दंपति निसंतान होते है. उनके लिए बच्चा गोद लेना आशा की एक नई किरण के समान हैं. शादी के बाद हर कोई दंपति संतान सुख चाहता हैं. ताकि संतान उनके बुढ़ापा का सहारा बन सके. और उनका वंश भी आगे बढे.

लेकिन काफी सारे दंपति ऐसे होते है. जो काफी प्रयास करने के बाद भी संतान सुख से वंचित रह जाते हैं. लेकिन अभी के समय में ऐसे दंपति को दुखी होने की जरूरत नहीं हैं. वह बच्चा गोद भी ले सकते हैं. और भारत सरकार के द्वारा मंजूरी भी दी गई हैं.

Rishtedar-ka-bachcha-god-lene-ke-niyam-contact-numbar (1)

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से रिश्तेदार का बच्चा गोद लेने के नियम बताने वाले हैं. इसके अलावा बच्चा गोद लेने के लिए कांटेक्ट नंबर तथा इस विषय से संबंधित अन्य और भी जानकारी प्रदान करने वाले हैं.

तो आइये हम आपको इस बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं.

सपने में खुदपर हमला होते हुए देखना / सपने में खुद पर कुत्ते का हमला होते हुए देखना

रिश्तेदार का बच्चा गोद लेने के नियम / ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर चाइल्ड एडॉप्शन इन इंडिया

अगर आप भी किसी रिश्तेदार का बच्चा गोद लेना चाहते है. तो CARA के नियमों के अनुसार रिश्तेदार का बच्चा गोद ले सकते हैं. लेकिन बच्चा गोद लेने के लिए दंपति को कुछ क़ानूनी कार्यवाही पूर्ण करनी पड़ती हैं. जिसके लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप का पालन करना होगा.

  • सबसे पहले आपको CARA की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपनी सभी जानकारी प्रदान करके पंजीकरण करना होगा.
  • पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेज आपको अपलोड करने होगे. वेबसाइट पर जो भी दस्तावेज मांगे जाते हैं. सभी दस्तावेज अच्छे से अपलोड कर दीजिए.
  • पंजीकरण और दस्तावेज अपलोड करने के बाद स्पेशलाइज्ड एडोप्शन एजंसी के कुछ लोग आपके घर पर आकर आपके घर का और आपका निरीक्षण करेगे. इसके पश्चात अपनी रिपोर्ट समाजसेवी संस्था को भेज दी जाती हैं.
  • इसके बाद आपको बच्चे दिखाए जाएगे तथा बच्चे का चुनाव 48 घंटे के अंदर करके बच्चा रिजर्व करना होगा.
  • बच्चे का चुनाव करने के बाद आपको SAA कोर्ट में याचिका दर्ज करनी होगी.
  • कोर्ट में याचिका दर्ज होने के बाद याचिका पर सुनवाई की जाएगी.
  • याचिका पर सुनवाई पूर्ण हो जाने के पश्चात कोर्ट बच्चा गोद लेने के लिए आदेश दे देता हैं.

Rishtedar-ka-bachcha-god-lene-ke-niyam-contact-numbar (3)

वैज्ञानिको के अनुसार मनुष्यकी आयु कितनी होती है – सम्पूर्ण जानकारी

बच्चा गोद लेने के लिए कांटेक्ट नंबर

बच्चा गोद लेने के लिए ऐसे ही कोई भी कांटेक्ट नंबर आपको नहीं मिल पाएगा. इसके लिए आप अपने आसपास के किसी भी अनाथ आश्रम का संपर्क कर सकते हैं. अगर आप किसी अनाथ आश्रम का नाम जानते है. तो गूगल पर सर्च करके अनाथ आश्रम का नंबर निकाल सकते हैं. इसके अलावा हमने जो ऊपर प्रोसेस बताया वह कर सकते हैं.

दुनिया का सबसे अच्छा साबुन कौन सा है | महिलाओं के लिए सबसे अच्छा साबुन

एक जन्म प्रमाण पत्र गोद लेने के बाद बदला जा सकता है

जी नहीं, अगर आप बच्चे को गोद लेते है. और इसके बाद बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में से कुछ भी बदलना चाहते हैं. तो कोर्ट आपको इसके लिए परमिशन नहीं देगा.

स्त्री के मन को कैसे जाने | महिला कामोत्तेजना के लक्षण

भारत में गोद लेने के लिए बच्चे की आयु सीमा

  • अगर दंपति की संयुक्त अधिकतम आयु 90 वर्ष हैं. और गोद लेने वाले सिंगल पेरेंट की अधिकतम आयु 45 वर्ष है. तो 4 साल के बच्चे को गोद ले सकते हैं.
  • अगर दंपति की संयुक्त अधिकतम आयु 100 वर्ष हैं. और गोद लेने वाले सिंगल पेरेंट की अधिकतम आयु 50 वर्ष है. तो 4 से 8 साल तक के बच्चे को गोद ले सकते हैं.
  • अगर दंपति की संयुक्त अधिकतम आयु 110 वर्ष हैं. और गोद लेने वाले सिंगल पेरेंट की अधिकतम आयु 55 वर्ष है. तो 8 से 18 साल तक के बच्चे को गोद ले सकते हैं.
  • दंपति और बच्चे की आयु के बीच कम से कम 25 वर्ष का फासला होना जरूरी हैं. लेकिन अगर दंपति बच्चे का रिश्तेदार है या सौतेला है. तो यह नियम उनके लिए लागु नहीं पड़ता हैं.
  • जिन दंपति के 3 या 3 से अधिक बच्चे हैं. तो वह किसी भी बच्चे को गोद लेने के लिए योग्य नहीं माने जाते हैं. लेकिन कुछ विशेष कारण और स्थिति में ऐसे भी दंपति बच्चा गोद ले सकते हैं.

कान में सोने की बाली पहनने के फायदे जाने | कान छिदवाने का शुभ दिन

बच्चा गोद लेने के लिए जरूरी दस्तावेज

  • जो दंपति बच्चे को गोद लेना चाहते हैं. उनकी मौजूदा तस्वीर आपको देनी होगी.
  • दंपति का पैन कार्ड
  • दंपति का जन्म प्रमाण पत्र या फिर ऐसा दस्तावेज जिससे उनकी आयु प्रमाणित हो सके.
  • निवास प्रमाण पत्र – आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, नवीनतम बिजली का बिल
  • गोद लेने वाले दंपति को अपने मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा करवाने होगे. जिससे प्रमाणित हो सके की दंपति को कोई गंभीर बीमारी नहीं हैं.
  • दंपति का शादी प्रमाण पत्र (अगर शादीशुदा है तो जरूरी है).
  • अगर कोई शख्स तलाकशुदा है. तो तलाक के प्रमाणपत्र.
  • गोद लेने वाले व्यक्ति से जुड़े कोई दो शख्स बयान देने वाले होने चाहिए.

Rishtedar-ka-bachcha-god-lene-ke-niyam-contact-numbar (2)

शादी के बाद पुरुष के शरीर में परिवर्तन क्या होते है (मुख्य 4 परिवर्तन)

निष्कर्ष

दोस्तों आज हमने आपको इस आर्टिकल के माध्यम से रिश्तेदार का बच्चा गोद लेने के नियम बताए हैं. तथा इससे संबंधित अन्य और भी जानकारी प्रदान की हैं. हम उम्मीद करते है की आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा.

दोस्तों हम आशा करते है की आपको हमारा यह रिश्तेदार का बच्चा गोद लेने के नियम / बच्चा गोद लेने के लिए कांटेक्ट नंबर आर्टिकल अच्छा लगा होगा. धन्यवाद

आंगनबाड़ी में बच्चों को क्या-क्या मिलता है /आंगनबाड़ी क्या है

10 गाय का दूध बढ़ाने की सबसे सस्ती विधि – सम्पूर्ण जानकारी

असली नारियल तेल की पहचान / सूखा नारियल कब खाना चाहिए / नारियल पानी की तासीर

3 thoughts on “रिश्तेदार का बच्चा गोद लेने के नियम / बच्चा गोद लेने के लिए कांटेक्ट नंबर”

Leave a Comment

x